ग्रेटर नोएडा। न्यू नोएडा को बसाने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अब जमीन पर उतरने जा रही है। प्राधिकरण की ओर से आगामी सप्ताह से तीन स्थानों पर कैंप लगाकर किसानों से सीधे संवाद शुरू किया जाएगा। इन कैंपों में किसानों को जमीन अधिग्रहण, मुआवजा और जमीन खरीद की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। प्राधिकरण की योजना किसानों की सहमति से जमीन लेने की है। इस प्रक्रिया में ध्यान रखा जाएगा कि किसी प्राकर का विवाद न हो। उसके अलावा जिस प्राकर से नोएडा, ग्रेनो और यमुना प्राधिकरण में किसानों का विरोध होता है उसे भी ध्यान में रखा जाएगा।
31 गांवों में लगाए जाएंगे कैंप
न्यू नोएडा के पहले चरण में शामिल 31 गांवों में प्राधिकरण की ओर से कैंप लगाए जाएंगे। दादरी और बुलंदशहर क्षेत्र में लगाए जाने वाले इन कैंपों के माध्यम से किसानों से उनकी जमीन से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी। कैंप में अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में किसानों के सवालों का जवाब भी दिया जाएगा।
प्राधिकरण की कोशिश है कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर किसानों के बीच किसी तरह की असमंजस की स्थिति न रहे। इसके लिए उन्हें जमीन खरीद की प्रक्रिया, संभावित मुआवजे और आबादी भूखंड समेत अन्य संबंधित विषयों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
पांच लेखपालों की होगी तैनाती
गांवों में लगाए जाने वाले कैंपों में पांच लेखपालों की नियुक्ति की जाएगी। लेखपाल राजस्व अभिलेखों की जांच और जमीन से जुड़े दस्तावेजों के सत्यापन का काम करेंगे। इसके तहत खसरा-खतौनी, जमीन के मालिकाना हक, खेतों की मौजूदा स्थिति और आबादी क्षेत्र से संबंधित रिकॉर्ड जुटाया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक दस्तावेजों के सत्यापन से जमीन के वास्तविक मालिकों और संबंधित भूखंडों की स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिलेगी। सर्वे और रिकॉर्ड की जांच पूरी होने के बाद संबंधित किसानों के साथ आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
आपसी सहमति से जमीन लेने की तैयारी
न्यू नोएडा के लिए प्राधिकरण की योजना आपसी सहमति से किसानों से जमीन खरीदने की है। इसके तहत किसानों को जमीन की खरीद और मुआवजे से संबंधित प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी और उनकी सहमति के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण स्तर पर जमीन से जुड़े किसानों के सवालों और उनकी संपत्तियों की जानकारी को भी दर्ज किया जा रहा है, ताकि भविष्य में जमीन खरीद की प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न आए।
किसान खुद भी पहुंच रहे प्राधिकरण कार्यालय
न्यू नोएडा को लेकर किसानों में भी अब सक्रियता बढ़ रही है। कई किसान खुद प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर जमीन खरीद, मुआवजा और आबादी भूखंड से जुड़ी जानकारी हासिल कर रहे हैं। अधिकारी किसानों की जमीन और उनके सवालों से संबंधित जानकारी दर्ज कर रहे हैं। इससे संकेत है कि न्यू नोएडा परियोजना को लेकर जमीन से जुड़े मामलों की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।
कागजात सत्यापन के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
गांवों में लगने वाले कैंपों का एक प्रमुख उद्देश्य जमीन के दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड का सत्यापन करना है। लेखपालों की रिपोर्ट के आधार पर जमीन के मालिकाना हक और अन्य रिकॉर्ड की स्थिति स्पष्ट की जाएगी। इसके बाद सर्वे और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने पर संबंधित किसानों के साथ जमीन खरीद को लेकर आगे की बातचीत की जाएगी। न्यू नोएडा के पहले चरण में शामिल 31 गांवों में कैंप शुरू होना जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है।

