फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़: टेक सपोर्ट स्कैम में 16 साइबर अपराधी गिरफ्तार, विदेशियों से लाखों की ठगी का खुलासा

Fake call center busted: नोएडा पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने सेक्टर-16 में चल रहे एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस रैकेट से जुड़े 16 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी मुख्य रूप से टेक सपोर्ट स्कैम के जरिए विदेशी नागरिकों (खासकर अमेरिका और यूरोप के लोगों) को निशाना बना रहे थे।

गिरोह का तरीका काफी चालाक था वे ऑनलाइन और सोशल मीडिया पर फर्जी टोल-फ्री नंबर्स के जरिए विज्ञापन देते थे। जब कोई विदेशी नागरिक संपर्क करता, तो आरोपी खुद को Microsoft या अन्य कंपनियों के टेक्निकल सपोर्ट एक्जीक्यूटिव बताते। फिर वे पीड़ित को डराते कि उनका कंप्यूटर/मोबाइल हैक हो गया है, डेटा चोरी का खतरा है। स्क्रीन शेयरिंग के जरिए पीड़ित के डिवाइस पर कंट्रोल हासिल कर बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड या क्रेडिट कार्ड जानकारी हथिया लेते और लाखों-करोड़ों रुपये की ठगी कर लेते।

पुलिस को स्थानीय खुफिया जानकारी और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर इस रैकेट की भनक लगी। टीम ने सेक्टर-16 के एक कमर्शियल बिल्डिंग में छापेमारी की और 16 लोगों को मौके से दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में युवा (20-30 साल के आसपास) शामिल हैं, जिनमें कई दिल्ली, राजस्थान और अन्य राज्यों के रहने वाले हैं। छापेमारी के दौरान कई लैपटॉप, मोबाइल फोन, कॉलिंग डेटा शीट्स, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए।

नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर और टेक सपोर्ट स्कैम की घटनाएं हाल के महीनों में बढ़ी हैं। कुछ दिन पहले ही सेक्टर-76 में भी ऐसे ही 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जो इसी तरीके से विदेशियों को ठग रहे थे। पुलिस के मुताबिक, नोएडा क्षेत्र साइबर ठगों का हॉटस्पॉट बनता जा रहा है क्योंकि यहां कमर्शियल स्पेस आसानी से उपलब्ध है और युवा बेरोजगारों को आसान कमाई का लालच दिया जाता है।

साइबर क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने बताया कि जांच जारी है और गिरोह के बड़े सरगनाओं व अंतरराष्ट्रीय लिंक्स की तलाश की जा रही है। पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान टोल-फ्री नंबर से आने वाले टेक सपोर्ट कॉल पर भरोसा न करें, स्क्रीन शेयरिंग न करें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें। यह सफलता नोएडा पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट की सक्रियता को दिखाती है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्कैम रैकेट्स को पूरी तरह कुचलने के लिए और मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत है।

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