नोएडा में वेतन वृद्धि को लेकर कर्मचारियों का उग्र प्रदर्शन, गाड़ियों में आग और पुलिस पर पथराव, नोएडा की सड़को पर महा जाम

नोएडा। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर नोएडा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में कर्मचारियों का आक्रोश सोमवार को चरम पर पहुंच गया। पिछले तीन से चार दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा यह विरोध प्रदर्शन सोमवार को अचानक हिंसक हो गया, जब भड़के हुए प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियों में आग लगा दी और पुलिसकर्मियों पर जमकर पथराव किया।

फेज 2 में भड़की हिंसा, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

नोएडा के फेज 2 औद्योगिक क्षेत्र में प्रदर्शन ने सबसे उग्र रूप लिया। आक्रोशित कर्मचारियों की भीड़ ने सड़क पर खड़े वाहनों में आग लगा दी और पुलिसकर्मियों को निशाना बनाते हुए पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया, लेकिन उग्र भीड़ को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

सेक्टर 1 गोलचक्कर पर जाम, दिल्ली रूट बाधित

सेक्टर एक नोएडा के गोलचक्कर के पास भी प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी। इससे दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात रेंगते हुए चलने को मजबूर हो गया। कई प्रमुख मार्गों पर घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

तीन-चार दिनों से जारी है आंदोलन, आज हुआ उग्र

नोएडा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत कई कंपनियों के कर्मचारी पिछले तीन से चार दिनों से वेतन वृद्धि की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। शुरुआत में यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन मांगें पूरी न होने पर कर्मचारियों का गुस्सा धीरे-धीरे बढ़ता गया और सोमवार को यह हिंसक रूप में सामने आया।

डीएम की अपील भी बेअसर, प्रशासन की किरकिरी

जिलाधिकारी मेधा रूपम ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और हिंसा का रास्ता छोड़ने की अपील की थी, लेकिन सोमवार सुबह उनकी यह अपील पूरी तरह बेअसर साबित हुई। प्रदर्शनकारियों ने डीएम की अपील को दरकिनार करते हुए सड़कों पर उतरकर हंगामा जारी रखा। लगातार हो रहे इन प्रदर्शनों ने नोएडा पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है कर्मचारियों की मांग

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनके वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। महंगाई के इस दौर में उनका गुजारा मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों की मांग है कि कंपनियां तत्काल उचित वेतन वृद्धि की घोषणा करें, अन्यथा उनका आंदोलन जारी रहेगा।

पुलिस का बयान

पुलिस मीडिया सेल ने बताया कि कमिश्नरेट में औद्योगिक इकाई क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस व्यस्थापन सुनिश्चित किया गया है। पुलिस एवं प्रशासनिक अफसर मय पुलिस बल के सभी स्थानों पर उपस्थित है। स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। पुलिस एवं प्रशासनिक उच्चाधिकारीगण के द्वारा श्रमिकों को शांति एवं संयम बनाए रखने हेतु लगातार समझाने-बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। आवश्यकतानुसार न्यूनतम बल प्रयोग करते हुए शांति व्यवस्था बनाई जा रही है।

 

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