ED vs. Mamata Banerjee-I-PAC case in Calcutta High Court: कलकत्ता हाई कोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच I-PAC छापेमारी विवाद पर आज सुनवाई हुई। जस्टिस सुव्रा घोष की बेंच ने वर्चुअल मोड में केस सुना, जो यूट्यूब पर लाइव-स्ट्रिम किया गया। पिछली सुनवाई (9 जनवरी) में कोर्टरूम में अफरा-तफरी की वजह से मामला टला था, इसलिए आज केवल वकीलों और पक्षकारों को ही एंट्री दी गई।
मुख्य बहस के बिंदु
ED की मुख्य दलीलें: अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू ने सुनवाई टालने की मांग की। उन्होंने कहा कि ED ने सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं दाखिल की हैं, जहां मांग लगभग एक ही है। सुप्रीम कोर्ट मामले को देख रहा है, इसलिए हाई कोर्ट में आगे न बढ़ें। “आसमान नहीं गिर जाएगा अगर कुछ दिन इंतजार किया जाए।”
• ED ने कोल स्मगलिंग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में I-PAC पर छापे को वैध बताया।
• आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रेड साइट पर पहुंचकर ED अधिकारियों को बाधा डाली और जब्त दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (लैपटॉप, मोबाइल आदि) जबरन ले लिए, जो अब उनके “अवैध कब्जे” में हैं।
• ASG एसवी राजू ने कहा कि TMC की याचिका में चुनाव आयोग को पार्टी क्यों नहीं बनाया गया? अगर चुनावी डेटा चोरी हुआ तो EC को शामिल करना चाहिए।
• सुनवाई के दौरान माइक बार-बार ऑफ होने पर ED ने “शरारत” और कोर्ट की अवमानना का आरोप लगाया। कोर्ट ने इसे “प्रोसीडिंग में बाधा” बताया।
TMC की दलीलें
• सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी ने ED की कार्रवाई को “असाधारण बुलिंग” करार दिया।
• कहा कि ED ने TMC की 2026 विधानसभा चुनाव तैयारी से जुड़े गोपनीय डेटा (कैंपेन स्ट्रैटेजी, आंतरिक मूल्यांकन, रिसर्च, ऑर्गनाइजेशनल डिटेल्स) गैरकानूनी तरीके से जब्त किए, जो PMLA से जुड़े नहीं हैं।
• मांग की कि जब्त सभी राजनीतिक और चुनावी डेटा की गोपनीयता सुनिश्चित की जाए और उसे प्रोटेक्ट किया जाए।
• TMC ने कहा कि ED ने कोई “की डॉक्यूमेंट्स” जब्त नहीं किए और यह राजनीतिक दलों की आंतरिक कार्यप्रणाली में दखल है।
कोर्ट की स्थिति
सुनवाई दोपहर 2:30 बजे शुरू हुई और शाम तक चलती रही। कोर्ट ने ED के माइक वाले आरोप पर चिंता जताई लेकिन कोई अंतिम फैसला आज नहीं हुआ। मामला आगे जारी रहेगा। ED ने पहले सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की है, जहां ममता पर जांच में बाधा और सबूत चोरी का आरोप लगाया गया है। TMC ने वहां केविएट फाइल किया है।
यह विवाद पिछले हफ्ते ED की I-PAC ऑफिस और डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी से शुरू हुआ। ED इसे कोल स्मगलिंग केस से जोड़ता है, जबकि TMC इसे चुनावी दखलंदाजी बता रही है। राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है और आगे की सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

