Gen Z protests in Iran over the economic crisis: ईरान में जारी अशांति के बीच भारतीय नागरिक स्वदेश लौट रहे, भारत सरकार की त्वरित कार्रवाई

Gen Z protests in Iran over the economic crisis: ईरान में आर्थिक संकट से उपजे राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों और इंटरनेट बंदी के बीच भारत सरकार की सलाह पर हजारों भारतीय नागरिक स्वदेश लौट रहे हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) ने ईरान में मौजूद लगभग 9,000 भारतीयों को तत्काल देश छोड़ने की सलाह दी है। शुक्रवार देर रात दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईरान से लौटे कई भारतीयों ने राहत की सांस ली और सरकार व दूतावास की मदद की तारीफ की।

विदेश मंत्रालय ने हाल के दिनों में कई यात्रा परामर्श जारी किए हैं। परामर्श में यह कहा गया है कि ईरान में स्थिति तेजी से बिगड़ रही है, इसलिए सभी भारतीय नागरिक उपलब्ध किसी भी साधन से देश छोड़ दें। जो लोग वहां हैं, वे सतर्क रहें और प्रदर्शन स्थलों से दूर रहें। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वह स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।

लौटे नागरिकों ने सुनाई आपबीती
ईरान से लौटे लोगों ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में हालात बहुत खराब हो गए थे। एक यात्री ने कहा, “वहां इंटरनेट पूरी तरह बंद था, परिवार से संपर्क नहीं हो पाता था। प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कर दीं, बाहर निकलना मुश्किल हो गया। भारतीय दूतावास ने समय पर जानकारी दी और निकलने में मदद की। मोदी जी हैं तो हर चीज मुमकिन है।”

एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “हम एक महीने से वहां थे, लेकिन पिछले 10-15 दिनों में समस्या बढ़ गई। प्रदर्शन खतरनाक हो गए थे। सरकार ने बहुत अच्छा प्रयास किया और हमें सुरक्षित वापस लाया।”
जम्मू-कश्मीर से लौटे एक नागरिक ने भी प्रदर्शनों की तीव्रता का जिक्र किया और सरकार की मदद की प्रशंसा की।

परिवारों में राहत की लहर
हवाई अड्डे पर इंतजार कर रहे परिवारों ने भी राहत व्यक्त की। कई दिनों तक इंटरनेट बंदी के कारण अपने परिजनों से संपर्क नहीं हो पाया था। एक व्यक्ति ने कहा, “हम बहुत चिंतित थे, लेकिन मोदी सरकार पर भरोसा था। ईरान हमारा पुराना मित्र रहा है, लेकिन मौजूदा हालात में सरकार ने तुरंत व्यवस्था की। हम बहुत खुश हैं कि हमारा परिवार सदस्य सुरक्षित लौट आया।”

ईरान में प्रदर्शनों की शुरुआत
प्रदर्शन 28 दिसंबर 2025 को तेहरान के ग्रैंड बाजार से शुरू हुए, जब ईरानी रियाल की कीमत रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिर गई। महंगाई, बिजली-पानी की किल्लत और बेरोजगारी जैसे मुद्दों ने आग में घी डाला। कुछ ही दिनों में यह पूरे देश में फैल गया। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई लोगों की मौत और घायल होने की खबरें हैं। इंटरनेट और संचार सेवाएं बड़े पैमाने पर बंद कर दी गईं।

अगले कुछ दिनों में और भारतीय नागरिकों के लौटने की उम्मीद है। भारतीय दूतावास तेहरान में लगातार समन्वय कर रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह सभी नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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