“Eat beef at home, not in public”: हिमंता सरमा का स्पष्टीकरण, लेकिन चुनाव प्रचार में बना हथियार

“Eat beef at home, not in public”: असम विधानसभा चुनाव (9 अप्रैल) से ठीक पहले मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का “बीफ विवाद” राज्य की राजनीति का केंद्र बन गया है। असम मवेशी संरक्षण अधिनियम 2021 के तहत राज्य में बीफ का सेवन अवैध नहीं है, लेकिन हिंदू, जैन और सिख बहुल क्षेत्रों तथा मंदिरों व सत्रों के 5 किलोमीटर के दायरे में मवेशियों के वध और बीफ की बिक्री पर प्रतिबंध है।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

2 अप्रैल 2026 को डिब्रूगढ़ में प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री सरमा ने AJP उम्मीदवार कुंकी चौधरी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनकी माँ सुजाता गुरुंग चौधरी ने सोशल मीडिया पर बीफ खाने की तस्वीरें साझा की हैं। कुंकी चौधरी गुवाहाटी सेंट्रल सीट से AJP उम्मीदवार हैं और यह उनका राजनीतिक डेब्यू है।

सरमा की धमकी और बयान

सरमा ने कहा — “असम में मवेशी संरक्षण कानून है। सार्वजनिक रूप से बीफ खाने पर 3 साल की जेल का प्रावधान है। गाय का मांस खाने वालों को मैं नहीं छोडूँगा। कानून के तहत थाने में FIR दर्ज करवाऊँगा।” उन्होंने यहाँ तक कहा — “जब मैंने ‘मियाँ’ समुदाय को बीफ खाने से रोक दिया, तो क्या मैं कुंकी चौधरी को इसकी इजाजत दूँगा? ढुबरी में ईद के दौरान बीफ लाने पर मैंने ‘शूट-एट-साइट’ के आदेश दिए थे।”

विपक्ष का पलटवार

विपक्ष ने आरोप लगाया कि BJP इस विवाद को गुवाहाटी में बाढ़ जैसी बुनियादी समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए इस्तेमाल कर रही है।  AJP प्रमुख लुरिनज्योति गोगोई ने कहा  “गुवाहाटी सेंट्रल की कृत्रिम बाढ़ जैसी समस्याओं को सुलझाने की जगह सरमा धर्म, खान-पान और पाकिस्तान की बातें कर रहे हैं।” कुंकी चौधरी ने आरोपों को झूठा बताते हुए कहा, “15 दिन में राजनीति में आई हूँ और मुझे मिल रहे समर्थन ने उन्हें डरा दिया है। CM ने मेरा नाम लिया तो पूरे देश को पता चल गया कि कुंकी चौधरी कौन है — इसके लिए शुक्रिया।”

अन्य राज्यों की प्रतिक्रिया

BJP के केरल उपाध्यक्ष मेजर रवि ने सरमा की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी को “गलत संदेश देकर सांप्रदायिक तनाव नहीं बढ़ाना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि सरमा को “गाय” और “बीफ” (जिसमें भैंस, बैल आदि का मांस भी शामिल है) के अंतर को समझना चाहिए। BJP के मेघालय प्रदेश अध्यक्ष अर्नेस्ट मावरी ने खुलकर कहा था — “मेघालय में बीफ खाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है, हर कोई यहाँ बीफ खाता है और मैं भी खाता हूँ।”

‘पासपोर्ट विवाद’ से और गहराया संकट

चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में कांग्रेस के पवन खेड़ा और सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान सरमा के पास UAE, अंटीगुआ और मिस्र के तीन पासपोर्ट हैं तथा दुबई में अघोषित संपत्ति है। सरमा ने इन दावों को “AI से बने नकली दस्तावेज़” और “पाकिस्तानी सोशल मीडिया मॉड्यूल की साजिश” बताते हुए खारिज किया और खेड़ा के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया।

नतीजा 4 मई को

असम विधानसभा चुनाव के परिणाम 4 मई को आएंगे। यदि BJP ने जीत हासिल की तो यह सरमा की व्यक्तिगत नेतृत्व क्षमता की जीत मानी जाएगी, और यदि कांग्रेस गठबंधन तीसरी बार BJP को सत्ता से रोकने में सफल रहा तो उसकी जिम्मेदारी भी अकेले सरमा पर होगी। बीफ राजनीति असम में नई नहीं है, लेकिन इस बार यह विवाद पूरे देश में BJP के भीतर भी असहमति की रेखाएँ उजागर कर गया है।​​​​​​​​​​​​​​​​

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