आतंकवादी विस्फोट मामले में जांच के घेरे में, डीएम कार्डियोलॉजी छात्र आरिफ

Terrorist blast news: दिल्ली में हाल ही में हुए आतंकवादी विस्फोट मामले की जांच अब कानपुर तक पहुंच गई है। पुलिस ने एलपीएस इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड कार्डियक सर्जरी के एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर मोहम्मद आरिफ मीर से पूछताछ की है, जो जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। अस्पताल के निदेशक डॉ. राकेश वर्मा ने इस मामले पर विस्तार से जानकारी दी और छात्र की छवि को पूरी तरह सामान्य बताया।

डॉ. वर्मा के अनुसार, हर साल देशभर से छात्र विभिन्न कोर्सेस में तीन साल की ट्रेनिंग के लिए यहां आते हैं। इस बार डीएम कार्डियोलॉजी के पहले साल में डॉ. मोहम्मद आरिफ मीर ने अगस्त 2025 में सीनियर रेजिडेंट के रूप में जॉइन किया।

अस्पताल रिकॉर्ड्स में उनके पिता का नाम गुलाम हसन मीर दर्ज है और पता जम्मू-कश्मीर का है। यह डीएम कार्डियोलॉजी एक पोस्टग्रेजुएट सुपरस्पेशलिटी कोर्स है, जो तीन साल का होता है।

चूंकि शुरुआती दिनों में हॉस्टल सुविधा उपलब्ध नहीं थी, इसलिए आरिफ सहित सभी छात्र बाहर किराए पर मकान लेकर रह रहे थे। उनका पता अशोक नगर, फातिमा स्कूल के पास दर्ज है। डॉ. वर्मा ने कहा, “उनका आचरण अच्छा था और किसी भी संदिग्ध गतिविधि का कोई संकेत नहीं मिला। केवल चार महीने का समय बीता है, इसलिए किसी छात्र की मदद करना या गहराई से जानना मुश्किल होता है।”

निदेशक ने आगे बताया कि डॉ. आरिफ नियमित रूप से ड्यूटी पर आते थे और कोई लगातार अनुपस्थिति नहीं थी। कल शाम को उन्होंने शाम की ड्यूटी पूरी करने के बाद यहां से निकले थे और सुबह का पूरा काम भी कर चुके थे।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिल्ली विस्फोट मामले में आरिफ का नाम किसी संदिग्ध कनेक्शन के चलते सामने आया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। जांच एजेंसियां उनके बैकग्राउंड, कॉल रिकॉर्ड्स और कानपुर में ठहरने की डिटेल्स की छानबीन कर रही हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है।

अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि संस्थान में आने वाले सभी छात्रों की सत्यापन प्रक्रिया होती है और आरिफ का प्रवेश पूरी तरह वैध था। फिलहाल, मामले की गहराई से जांच जारी है और कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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