Dewas SDM Anand Malviya suspended: कैलाश विजयवर्गीय के ‘घंटा’ बयान का सरकारी आदेश में उल्लेख पड़ा भारी

Dewas SDM Anand Malviya suspended: मध्य प्रदेश के देवास जिले के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) आनंद मालवीय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। कारण है — एक सरकारी आदेश में प्रदेश के शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विवादित ‘घंटा’ बयान का जिक्र करना और उसे ‘अमानवीय तथा निरंकुश व्यवहार का प्रतीक’ बताना। उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने यह कार्रवाई की, जिसमें इसे ‘गंभीर लापरवाही, उदासीनता और कर्तव्य पालन में अनियमितता’ करार दिया गया।

यह मामला इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों से जुड़ा है। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की आपूर्ति से अब तक 14 से 16 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 2800 लोग बीमार बताए जा रहे हैं। कांग्रेस ने इसके लिए भाजपा शासित इंदौर नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया है। इसी मुद्दे पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पत्रकारों के सवाल पर विवादित बयान दिया था — “घंटा फर्क पड़ता है”। कांग्रेस ने इसे असंवेदनशील बताते हुए प्रदेशभर में प्रदर्शन और भाजपा नेताओं के घेराव की घोषणा की।

कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शनों के मद्देनजर देवास में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम आनंद मालवीय ने 3 जनवरी को एक आदेश जारी किया। इस आदेश में गलती से कांग्रेस पार्टी के व्हाट्सएप ग्रुप से आए ज्ञापन की भाषा कॉपी हो गई, जिसमें मंत्री के ‘घंटा’ बयान को ‘अमानवीय और निरंकुश’ बताया गया था। साथ ही आदेश में दूषित पानी की आपूर्ति के लिए ‘भाजपा शासित नगर निगम’ को जिम्मेदार ठहराया गया।
यह आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद 4 जनवरी को देवास कलेक्टर कार्यालय से शिकायत मिली। एसडीएम मालवीय ने मीडिया से बातचीत में कहा, “आदेश का कुछ हिस्सा कांग्रेस के व्हाट्सएप ग्रुप से उठाया गया था। स्वास्थ्य संबंधी आंकड़े आधिकारिक स्रोतों से थे, लेकिन गलती सुधारते हुए मैंने पुराना आदेश वापस लेकर नया जारी कर दिया। फिर भी पुराना वायरल हो गया।”

निलंबन आदेश में मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियमों का हवाला देते हुए इसे कदाचार की श्रेणी में रखा गया है। निलंबन अवधि में एसडीएम का मुख्यालय उज्जैन संभाग आयुक्त कार्यालय तय किया गया है और उन्हें नियमों के अनुसार भत्ते मिलेंगे। उनकी जगह अभिषेक शर्मा को देवास का नया एसडीएम नियुक्त किया गया है। कुछ रिपोर्ट्स में एसडीएम कार्यालय के क्लर्क अमित चौहान को भी ड्यूटी से हटाए जाने की खबर है।

इस घटना पर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। विपक्षी दल इसे ‘सत्ता का दुरुपयोग’ बता रहे हैं, जबकि सत्तापक्ष ने इसे प्रशासनिक अनुशासन का मामला बताया। फिलहाल कोई नया अपडेट नहीं आया है और मामला यहीं तक सीमित है।

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