Deoria Mazar Case: मजार पर बुलडोजर देख फूट-फूटकर रो पड़ीं हिंदू महिला रानी तिवारी, वजह है 12 साल पुरानी मन्नत और ‘चमत्कार’

Deoria Mazar Case: उत्तर प्रदेश के देवरिया में हजरत शहीद सैय्यद अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार पर अवैध कब्जे के आरोप में बुलडोजर कार्रवाई के दौरान एक हिंदू महिला का भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। महिला का नाम रानी तिवारी है, जो अपने 12 साल के बेटे के साथ मजार पर पहुंची थीं। मजार को आंशिक रूप से ढहाया देख वे फूट-फूटकर रो पड़ीं और बाबा से हुई मन्नत का किस्सा सुनाकर सभी को भावुक कर दिया।

क्या है पूरा मामला?
स्थानीय अदालत के आदेश पर देवरिया-गोरखपुर रोड पर ओवरब्रिज के नीचे बनी इस मजार को सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण बताकर 11 जनवरी से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई। प्रशासन ने तीन बुलडोजर लगाए और भारी पुलिस बल तैनात किया। मजार करीब 50 साल पुरानी बताई जा रही है, जहां हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग आस्था रखते थे। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, कार्रवाई तीसरे दिन रोक दी गई और मजार को पूरी तरह नहीं गिराया गया।

रानी तिवारी क्यों रोईं?
रानी तिवारी गोरखपुर की रहने वाली हैं। उन्होंने वीडियो में बताया कि शादी के कई साल बाद भी उन्हें संतान नहीं हो रही थी। डॉक्टरों ने भी जवाब दे दिया था। तब उन्होंने अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार पर मन्नत मांगी थी कि अगर बेटा हुआ तो चादर चढ़ाएंगी। मन्नत पूरी हुई और 12 साल पहले बेटे का जन्म हुआ। अब बेटे के साथ मन्नत पूरी करने आई थीं, लेकिन मजार पर बुलडोजर देखकर उनका दिल टूट गया। वे रोते हुए बोलीं, “यहीं की दुआ से मेरा बेटा हुआ था… बाबा का चमत्कार हुआ था।” इसके बावजूद उन्होंने बेटे के साथ बची हुई मजार पर चादर चढ़ाई।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग इसे हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक बता रहे हैं, तो कुछ ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं कि आस्था से जुड़े स्थलों को इस तरह ढहाना लाखों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। स्थानीय विधायक ने अवैध निर्माण का मुद्दा उठाया था, जिसके बाद कोर्ट ने कार्रवाई का आदेश दिया।

प्रशासन का कहना है कि यह अतिक्रमण हटाओ अभियान का हिस्सा है और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया। फिलहाल कार्रवाई रुकने की खबरें हैं, लेकिन रानी तिवारी का भावुक पल सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

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