भारत मंडपम में चल रहे ग्लोबल साउथ एआई समिट में सुनक एक इंटरएक्टिव सेशन में शामिल होने पहुंचे थे। लेकिन दिल्ली की बदनाम ट्रैफिक जाम के कारण वे कुछ मिनट लेट हो गए। मंच पर पहुंचते ही उन्होंने माफी मांगते हुए कहा, “सॉरी, हम कुछ मिनट लेट हो गए और यह पूरी तरह मेरी गलती है। इस हफ्ते हमने देखा कि एआई कई चीजें कर सकता है, लेकिन अभी वह दिल्ली का ट्रैफिक ठीक नहीं कर सकता। तो अभी काम बाकी है।” इस टिप्पणी पर सभागार में ठहाके गूंज उठे। ताजा जानकारी के मुताबिक, समिट के चलते दिल्ली में भारी वीवीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा व्यवस्था के कारण पूरे शहर में ट्रैफिक स्नार्ल्स बढ़ गए थे।
सुनक ने ट्रैफिक मजाक के बाद भारत की तारीफों के पुल बांध दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई की सराहना करते हुए कहा, “एआई ट्रांसफॉर्मेशन पर चर्चा करने के लिए भारत से बेहतर जगह नहीं है। यह समिट विकसित और विकासशील दुनिया दोनों के लिए एआई को कामयाब बनाने का मंच बनेगा।” उन्होंने भारत को ‘ग्लोबल एआई सुपरपावर’ बताया और कहा कि मोदी सरकार के नेतृत्व में देश की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और युवा ऊर्जा बेमिसाल है। सुनक ने क्रिकेट का मजाकिया जिक्र भी किया और कहा कि आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में इंग्लैंड अभी आगे है।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
इस घटना पर राजनीतिक दलों ने बयानबाजी शुरू कर दी है। भाजपा ने इसे भारत की बढ़ती वैश्विक छवि का प्रमाण बताया। भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा, “जब दुनिया भारत के एआई लीडरशिप का जश्न मना रही है, तब कांग्रेस का युवा कांग्रेस ‘शर्टलेस प्रोटेस्ट’ करके देश की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है। यह एंटी-इंडिया है।” वहीं, भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने समिट स्थल पर ‘कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम’ लिखे पोस्टर लेकर विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि मोदी सरकार विदेशी दबाव में है।
विपक्ष ने ट्रैफिक जाम को उठाते हुए कहा कि एआई समिट के नाम पर आम दिल्लीवासियों की जिंदगी दूभर हो रही है। कांग्रेस ने मांग की कि सरकार तुरंत एआई को ट्रैफिक मैनेजमेंट में लगाए और वीआईपी कल्चर खत्म करे।सुनक के बयान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भले ही एआई दुनिया बदल रहा हो, लेकिन दिल्ली की सड़कों पर अभी भी ‘ह्यूमन एरर’ और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी हावी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारत एआई को स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और ऑटोमेटेड सिग्नल्स में तेजी से लागू करे तो 2027 तक दिल्ली का ट्रैफिक 30-40% कम हो सकता है।
समिट जारी है और दुनिया भर के एआई लीडर्स भारत को ‘डेवलपिंग वर्ल्ड फॉर एआई’ का नया हब बता रहे हैं, लेकिन सुनक का हल्का-फुल्का तंज याद दिलाता है कि ग्राउंड रियलिटी अभी भी चुनौती बनी हुई है।

