Delhi Red Fort Blast Investigation: पिछले साल 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के रेड फोर्ट के पास ह्यूंडई i20 कार में हुए आत्मघाती विस्फोट की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। एनआईए और केंद्रीय एजेंसियों को पता चला है कि ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ के आरोपी डॉक्टरों ने दिल्ली समेत बड़े शहरों में एक ग्लोबल कॉफी चेन (स्टारबक्स) के आउटलेट्स पर हमले की योजना बनाई थी। सूत्रों के अनुसार, आरोपी इस चेन को यहूदी प्रभाव का प्रतीक मानते थे, क्योंकि इसका पूर्व सीईओ हॉवर्ड शुल्ट्ज यहूदी हैं। हमलों का मकसद गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ राजनीतिक संदेश देना था।
विस्फोट में 15 लोगों की मौत हुई थी और दर्जनों घायल हुए थे। जांच में पता चला कि मॉड्यूल के सदस्यों में टारगेट को लेकर मतभेद थे। कुछ सदस्य जम्मू-कश्मीर में सिर्फ सुरक्षा बलों को निशाना बनाना चाहते थे, लेकिन मुख्य आरोपी उमर-उन-नबी (जो विस्फोट में मारा गया) हाई-विजिबिलिटी सिविलियन टारगेट्स पर जोर दे रहा था। उमर ने दिल्ली और अन्य शहरों में हमलों से वैश्विक ध्यान आकर्षित करने की योजना बनाई थी।
मॉड्यूल की गतिविधियां और गिरफ्तारियां
• एनआईए ने अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन डॉक्टर शामिल हैं: जम्मू-कश्मीर के मुजम्मिल अहमद गनी और अदील अहमद राथर, तथा उत्तर प्रदेश के शाहीन सईद।
• आरोपी प्रतिबंधित संगठन अंसार गजवात-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े थे और अल-कायदा की शाखा को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहे थे।
• एक आरोपी जासिर वानी को ड्रोन को हथियार बनाने और हमास स्टाइल हमलों की योजना के लिए भर्ती किया गया था। पहले उसे सुसाइड बॉम्बर बनाने की कोशिश हुई, लेकिन उसने सहायक भूमिका चुनी।
• उमर-उन-नबी बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी (6 दिसंबर) के आसपास बड़ा हमला करना चाहता था।
• जांच जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक पैम्फलेट बरामदगी से शुरू हुई थी।
सूत्रों ने बताया कि कॉफी चेन पर हमलों की योजना चर्चा तक सीमित थी या रेकी हुई, इसकी जांच जारी है। एनक्रिप्टेड ऐप्स और घोस्ट सिम का इस्तेमाल किया गया। मॉड्यूल पिछले चार साल से सक्रिय था और गाजा संघर्ष को लोकल आतंक से जोड़ने की प्रोपेगैंडा फैला रहा था।
एनआईए की जांच जारी है और आगे गिरफ्तारियां हो सकती हैं। यह मामला दिल्ली में आतंक के नए ‘व्हाइट कॉलर’ मॉड्यूल को उजागर करता है, जहां पढ़े-लिखे पेशेवर शामिल हैं।

