पिछले 10 साल में पांच घंटे से ज्यादा राजधानी में 51958 बार बिजली गुल हुई : आशीष सूद
Delhi News: नई दिल्ली। दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने बिजली कटौती पर नेता प्रतिपक्ष आतिशी आरोपों का खंडन किया। उन्होंने दिल्ली सचिवालय में गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दिल्ली सरकार बिजली कटौती को लेकर झूठ और भ्रम फैलाने वालों के ऊपर कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। इस संबंध में विभिन्न विभागों से परामर्श भी किया जा रहा है।
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ऊर्जा मंत्री ने कहा कि आतिशि दिल्ली में बिजली कट पर जो बार-बार गलतबयानी कर रही है। वह सब जनता को भ्रमित और लोगों में भय फैलाने की कवायद है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार बिजली के क्षेत्र में आमूल-चूल सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि आम आदमी पार्टी (आआपा) की सरकार में पिछले दस सालों में पांच घंटे से ज्यादा राजधानी दिल्ली में बिजली कट 51958 बार हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि दो दिन पहले विधानसभा में विपक्ष ने जो ध्यानाकर्षण प्रस्ताव रखा था। उसके बारे में जब वह विस्तार से जवाब दे रहा था तब पूरा विपक्ष सदन से ही गायब था।
आशीष सूद ने बताया कि बीएसईएस राजधानी पावर ने पांच घंटे से ज्यादा बिजली काटे जाने के पिछले 10 साल के पूरे आंकड़े के साथ जानकारी दी। टाटा पावर ने भी बिजली कट के बारे में जानकारी दी है। आंकड़ों के मुताबिक पिछले 10 साल में 51958 बार दिल्ली में पांच घंटे से ज्यादा बार बिजली काटी गई थी। आंकड़ों के मुताबिक साल 2015 में 7160 बार, 2016 में 8659 बार, 2017 में 7301 बार, साल 2018 में 6265 बार, 2019 में 5010 बार, 2020 में 3807 बार, 2021 में 3671 बार, 2022 में 2692 बार, 2023 में 3486 बार और 2024 में 3907 बार बिजली काटी गई है। यानी 10 साल में पांच घंटे से ज्यादा 51958 बार बिजली काटी गई थी।
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मंत्री ने कहा कि विश्व में कोई भी बिजली का ऐसा नेटवर्क नहीं है, जिसमें शटडाउन किए बिना बिजली का रख-रखाव किया जा सके। आतिशी, अरविंद केजरीवाल और पूरी आम आदमी पार्टी के नेताओं की झूठ बोलने की प्रथा आखिर कब तक जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि एसएलडीसी ने हमें लिख कर दिया है कि आतिशी ने एसएलडीसी की साइट का आंकड़ा बताकर जो बार-बार लिस्ट पढ़ रही हैं। ऐसा कोई आंकड़ा एसएलडीसी की वेबसाइट पर उपलब्ध ही नहीं है। न ही हमारी सरकार के पास ऐसा कोई डाटा मौजूद है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हम बिजली कटौती करने से पहले कई माध्यमों के जरिए जनता को सूचित करेंगे और योजनाबद्ध तरीके से यह काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली का सबसे ज्यादा संकट 2024 में था। उस समय आतिशी क्या कर रही थी। जो यह कहते थे कि हमने दिल्ली में बिजली में ऊर्जा क्रांति कर दी है। फिर उस समय बिजली के लंबे-लंबे कट क्यों लगते थे।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार बिजली के लोड बैलेंस करने के लिए कई जगह के ट्रांसफॉर्मर बदलने की योजना पर काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई जगह बिजली इसलिए भी काटी जाती है कि बरसात के मौसम में जल जमाव की समस्या होती है और जिसके कारण करंट फैलने का डर बना रहता है। हम जलभराव वाली जगहों को चिन्हित कर रहे हैं और पीडब्ल्यूडी और दिल्ली जल बोर्ड के साथ मिलकर उसको दुरुस्त करेंगे।
आशीष सूद ने यह भी बताया कि हमारी सरकार ने दिल्ली में बिजली के लटकते तारों के जंजाल को हटाने के लिए बजट में समुचित राशि का आवंटन किया है और इसपर तेजी से काम भी शुरू हो गया है। एक साल बाद हम ऊर्जा विभाग की बेहतर छवि दिल्ली की जनता के सामने रख पाएंगे।
उन्होंने कहा कि पिछली बार दिल्ली में गर्मियों में 8600 मेगावॉट की पीक डिमांड थी जो इस बार गर्मियों में बढ़कर 9200 मेगावॉट हो सकती है। इसके लिए दिल्ली सरकार की पूरी तैयारी है। हम लोड बैलेंसिंग के लिए काम कर रहे हैं। 24 घंटे का कंट्रोल सेंटर बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और पावर परचेज एग्रीमेंट की भी समीक्षा की जा रही है।
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