Delhi High Court grants major relief to NDTV founders: प्रणय रॉय-राधिका रॉय के खिलाफ इनकम टैक्स नोटिस रद्द, विभाग पर 2 लाख जुर्माना

Delhi High Court grants major relief to NDTV founders: दिल्ली हाईकोर्ट ने NDTV के संस्थापक डॉ. प्रणय रॉय और राधिका रॉय को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ मार्च 2016 में जारी इनकम टैक्स पुनर्मूल्यांकन नोटिस को सोमवार (19 जनवरी 2026) को रद्द कर दिया। कोर्ट ने इसे विभाग की ओर से अनुचित कार्रवाई बताते हुए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट पर कुल 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया, जिसमें 1 लाख रुपये प्रत्येक याचिकाकर्ता को देने का आदेश दिया।

मामला क्या था?
यह नोटिस NDTV की प्रमोटर कंपनी RRPR होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड को दिए गए कुछ ब्याज-मुक्त लोन (इंटरेस्ट-फ्री लोन्स) से जुड़ा था। प्रणय रॉय और राधिका रॉय ने 2017 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि ये लेन-देन पहले ही एक पुनर्मूल्यांकन चक्र (2013 में) में पूरी तरह जांचे जा चुके हैं। विभाग का दोबारा मामले को खोलना ‘ओपिनियन में बदलाव’ मात्र है, जो इनकम टैक्स एक्ट के तहत अनुमेय नहीं है।
जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनोद कुमार की खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं के तर्क से सहमति जताई। कोर्ट ने कहा कि पहले ही जांच पूरी हो चुकी थी, इसलिए दोबारा री-असेसमेंट कार्यवाही गलत और उत्पीड़न (harassment) जैसी थी।

कोर्ट का फैसला
• मार्च 2016 के नोटिस और उससे जुड़ी सभी कार्यवाहियां रद्द।
• इनकम टैक्स विभाग पर 2 लाख रुपये का टोकन जुर्माना (प्रतीकात्मक लागत), जो याचिकाकर्ताओं को दी जाए।
• कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति में कोई भी राशि पर्याप्त नहीं, लेकिन यह टोकन कॉस्ट है।
यह फैसला NDTV संस्थापकों के लिए लंबे समय से चले आ रहे टैक्स विवाद में महत्वपूर्ण राहत है। विस्तृत जजमेंट अभी आना बाकी है।

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