New Delhi news गणतंत्र दिवस समारोह की सुरक्षा को इस बार पूरी तरह अभेद्य बनाने के लिए केंद्रीय और दिल्ली पुलिस की एजेंसियां अत्याधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल कर रही हैं। लाल किले के पास हुए हालिया धमाके के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त किया गया है। एजेंसियां किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए तकनीक आधारित सुरक्षा प्रणाली पर विशेष जोर दे रही हैं। इसी क्रम में मैनुअल व्यवस्था की जगह तकनीक आधारित पांच बड़े बदलाव लागू किए गए हैं।
नई दिल्ली जिले के एडिशनल पुलिस कमिश्नर देवेश महाला ने बताया कि इस बार कार्यक्रम स्थल पर प्रधानमंत्री और अन्य वीआईपी की सुरक्षा के लिए कंटेनर आधारित बुलेटप्रूफ स्टेज तैयार किया जा रहा है। यह स्टेज आधुनिक सुरक्षा उपकरणों और प्लग-एंड-प्ले तकनीक से लैस है, जिसे जरूरत पड़ने पर कहीं भी आसानी से स्थापित किया जा सकता है। पहले केवल सुरक्षा घेरा और निगरानी होती थी, लेकिन अब पहली बार स्टेज को बुलेटप्रूफ बनाया गया है।
वीडियो एनालिटिक्स से कड़ी निगरानी
संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वीडियो एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। यह सिस्टम रियल टाइम अलर्ट देगा, जिससे किसी भी संदिग्ध हरकत पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी। पहले सीसीटीवी फुटेज की मैनुअल निगरानी होती थी, जिसमें त्वरित अलर्ट की सुविधा नहीं थी।
31 सीसीटीवी कंट्रोल रूम
नई दिल्ली जिले में 31 सीसीटीवी कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। परेड रूट के लिए छह विशेष कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। करीब एक हजार एचडी और फेस रिकॉग्निशन कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है, जबकि पहले यह संख्या काफी कम थी।
पैदल यात्रियों के रूट में बदलाव
सुरक्षा कारणों से पैदल यात्रियों के रूट में तीन से चार अहम बदलाव किए गए हैं। इन मार्गों को वाहनों से अलग और छोटा रखा गया है। चैनलाइजर, दिशा-सूचक बोर्ड और फ्रिस्किंग प्वाइंट लगाए गए हैं।
क्यूआर कोड आधारित पार्किंग
इस बार क्यूआर कोड आधारित पार्किंग सिस्टम लागू किया गया है, जिससे लगभग 8,000 वाहनों की पार्किंग सुव्यवस्थित होगी। क्यूआर कोड स्कैन करते ही लोग अपनी निर्धारित पार्किंग तक पहुंच सकेंगे।
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