Deep rift between Trump and Europe exposed: ट्रंप के सामने पूरा यूरोप एकजुट, ग्रीनलैंड विवाद पर संभावित समझौता लेकिन भ्रम बरकरार

Deep rift between Trump and Europe exposed: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूरोप के बीच संबंधों में आई गहरी खाई बुधवार को पूरी तरह सामने आ गई। स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान ट्रंप ने यूरोप की आव्रजन नीतियों, नियामकों और ग्रीनलैंड को अमेरिका को सौंपने से इनकार करने पर खुलकर नाराजगी जताई। ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका को ग्रीनलैंड का स्वामित्व हासिल करना ही चाहिए।

महीनों से यूरोप इस संकट को शांत करने के राजनयिक रास्ते तलाश रहा था। बुधवार देर रात एक उम्मीद जगाने वाली खबर आई जब ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि वे नाटो महासचिव मार्क रुटे के साथ ग्रीनलैंड विवाद सुलझाने के लिए एक समझौते पर काम कर रहे हैं। ट्रंप ने संकेत दिया कि 1 फरवरी से यूरोपीय देशों पर लगाने की धमकी दी गई टैरिफ अब लागू नहीं होंगी।

हालांकि, न तो ट्रंप प्रशासन और न ही नाटो ने इस प्रस्तावित समझौते के किसी विवरण की जानकारी दी। ग्रीनलैंड (जो डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र है) के एक डेनिश सांसद ने सोशल मीडिया पर इस घोषणा को “पूर्ण भ्रम” करार देते हुए सवाल उठाए।
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप के पूरे दिन के बयानों से यह स्पष्ट हो गया है कि अमेरिका और यूरोप—जो दशकों से सबसे करीबी सहयोगी रहे हैं—अब मूल्यों और प्राथमिकताओं में बहुत दूर हो चुके हैं।

ब्रुसेल्स स्थित थिंक टैंक ब्रूगेल के सीनियर फेलो जैकब फंक किर्कगार्ड ने कहा, “हम ट्रांस-अटलांटिक संबंधों में बंदूक की नोक पर तो नहीं हैं, लेकिन बहुत कठिन दौर में जरूर हैं। यूरोप की अधिकांश सरकारों और ट्रंप प्रशासन के बीच मूल्यों में गहरा अंतर है।”

यूरोपीय नेता गुरुवार (23 जनवरी) को ब्रुसेल्स में बैठक करके इस स्थिति का जायजा लेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे।
यह स्थिति अभी भी विकसित हो रही है। समझौते के विवरण सामने नहीं आने और ग्रीनलैंड की ओर से उठे सवालों के कारण अनिश्चितता बनी हुई है। आगे की अपडेट के लिए नजर रखें।

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