Davos 2026: ट्रंप की यात्रा में तकनीकी खराबी से देरी, कनाडाई पीएम कार्नी ने अमेरिकी नेतृत्व वाली ‘पुरानी विश्व व्यवस्था’ को बताया समाप्त

Davos 2026: विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के वार्षिक सम्मेलन दावोस 2026 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बहुप्रतीक्षित यात्रा में देरी हुई है। मंगलवार देर रात एयर फोर्स वन में ‘माइनर इलेक्ट्रिकल इश्यू’ आने के बाद विमान को वाशिंगटन वापस लौटना पड़ा। व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने बताया कि क्रू ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विमान वापस मोड़ा। प्रेस केबिन में लाइट्स कुछ देर के लिए बंद हो गई थीं, लेकिन कोई बड़ा खतरा नहीं था।

ट्रंप अब दूसरे विमान से दावोस पहुंच रहे हैं और बुधवार को वैश्विक बिजनेस लीडर्स को संबोधित करेंगे। उनकी यात्रा का मुख्य एजेंडा ग्रीनलैंड अधिग्रहण की मांग और ट्रेड टेंशंस हैं, जिसे कई यूरोपीय लीडर्स ‘धमकी’ बताया जा रहा हैं। ट्रंप के साथ ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट भी हैं।

इस बीच, कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मंगलवार को दावोस में दिए भाषण में अमेरिकी नेतृत्व वाली वैश्विक व्यवस्था पर तीखा प्रहार किया। बिना ट्रंप या अमेरिका का नाम लिए कार्नी ने कहा कि ‘रूल्स-बेस्ड इंटरनेशनल ऑर्डर’ एक आंशिक झूठ था, जिसमें मजबूत देश खुद को नियमों से छूट दे लेते थे। उन्होंने इसे ‘अमेरिकी हेगेमनी’ का उपयोगी फिक्शन बताया, जो अब काम नहीं कर रहा।

कार्नी ने चेतावनी दी कि महाशक्तियां अब आर्थिक एकीकरण को हथियार बना रही हैं – टैरिफ्स को दबाव, फाइनेंशियल सिस्टम को जबरदस्ती और सप्लाई चेन को कमजोरी के रूप में इस्तेमाल कर रही हैं। उन्होंने कहा, “हम संकट में हैं, यह ट्रांजिशन नहीं बल्कि रप्चर है। पुरानी व्यवस्था वापस नहीं आएगी।” कनाडा जैसे मिडल पावर्स को अब घरेलू क्षमता मजबूत करने, ट्रेड डाइवर्सिफाई करने और जैसे विचार वाले देशों से गठबंधन बनाने की सलाह दी। भाषण को स्टैंडिंग ओवेशन मिला और इसे वैश्विक मीडिया में ‘ऐतिहासिक’ बताया जा रहा है।

दावोस 2026 का थीम ‘रीबिल्ड ट्रस्ट’ है, लेकिन ट्रंप की ट्रेड पॉलिसी, ग्रीनलैंड विवाद और कार्नी जैसे भाषणों से माहौल तनावपूर्ण है। कई लीडर्स मल्टीपोलर वर्ल्ड और मिडल पावर्स की भूमिका पर चर्चा कर रहे हैं। ट्रंप का संबोधन आज सबकी नजरों में होगा, जहां ग्रीनलैंड और ट्रेड वॉर प्रमुख मुद्दे रहेंगे।

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