Date after date, cylinder missing: उत्तर प्रदेश के नोएडा में एलपीजी गैस सिलेंडर की भारी किल्लत ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सेक्टर 23 स्थित कृष्णा भारत गैस एजेंसी पर हालात विशेष रूप से गंभीर हैं, जहां लोग सुबह 5-6 बजे से लाइन में लगकर भी खाली हाथ लौट रहे हैं। सिलेंडर की जगह उन्हें बस अगली तारीख थमा दी जाती है — ठीक वैसे जैसे अदालतों में “तारीख पर तारीख” मिलती है।
फर्जी डिलीवरी का मैसेज — और घर में चूल्हा ठंडा
इस संकट का सबसे चिंताजनक पहलू फर्जी डिलीवरी मैसेज का मामला है। दर्जनों उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि उनके मोबाइल पर सिलेंडर “डिलीवर्ड” का मैसेज आ गया और ऐप में भी यही दिख रहा है, लेकिन वास्तव में उन्हें कोई सिलेंडर नहीं मिला। इससे एक और मुसीबत खड़ी हो गई है — सिस्टम उन्हें अगले 15 से 25 दिन तक नई बुकिंग करने की अनुमति नहीं दे रहा। यानी न सिलेंडर मिला, न दोबारा मांगने का हक। रुचि नाम की एक महिला उपभोक्ता का दर्द बताता है कि 18 तारीख को आने पर 22 की डेट दी गई, 22 को आने पर भी सिलेंडर नहीं मिला। एक अन्य महिला रोते हुए बताती हैं कि वह सात दिन से दौड़ रही हैं और बच्चे भूखे हैं।
कालाबाजारी का खुलासा — ₹1000 से ₹5000 तक में बिक रहा सिलेंडर
नोएडा में घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी शहर में चारों तरफ फैल गई है। कई लोग ऐसे हैं जिनके पास कनेक्शन नहीं है लेकिन उन्हें ब्लैक में सिलेंडर मिल रहा है, हालांकि उन्हें तय कीमत से कई गुना ज्यादा पांच हजार रुपये तक देने पड़ रहे हैं। सेक्टर 23 के लोगों के मुताबिक उनके इलाके में ब्लैक में सिलेंडर ₹1000 से ₹1400 तक में मिल रहा है।
व्यापक संकट — पूरे नोएडा में एक जैसे हालात
यह संकट केवल सेक्टर 23 तक सीमित नहीं है। नोएडा के सेक्टर-5 के हरौला में गैस एजेंसी के बाहर सैंकड़ों लोग खाली सिलेंडर के साथ लंबी लाइन में नजर आए और कुछ लोग सुबह 2 बजे से ही कतार में लगे हुए हैं, लेकिन इतने लंबे इंतजार के बाद भी उन्हें गैस नहीं मिल पा रही। नोएडा के सेक्टर-4 में एलपीजी सिलेंडर न मिलने से नाराज लोगों ने सड़क पर उतरकर हंगामा किया और जाम भी लगाया।
संकट की जड़ — मिडिल ईस्ट में युद्ध का असर
मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध का असर अब भारत पर भी नजर आने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव की स्थिति के कारण भारत के गैस आयात में लगभग 40 प्रतिशत तक गिरावट आई है, जिससे देश के कई शहरों में गैस सिलेंडर की सप्लाई अस्थायी तौर पर प्रभावित हुई है। इसी कारण लोगों ने पैनिक बुकिंग शुरू कर दी, जिससे एजेंसियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।
प्रशासन की कार्रवाई — लेकिन राहत अभी दूर
नोएडा की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा है कि घरेलू गैस उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत सिलेंडर उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के लिए अधिकारियों के साथ बैठक कर जरूरी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उपभोक्ताओं के लिए व्हाट्सएप नंबर 7588888824 और मिस्ड कॉल नंबर 8454955555 जारी किया गया है। इसके अलावा जिन घरों में पीएनजी कनेक्शन है, उन्हें अब एलपीजी सिलेंडर नहीं दिया जाएगा और उन्हें अपना सिलेंडर सरेंडर करना होगा। 
ज़मीनी हकीकत
एजेंसी की प्रतिनिधि ने स्वीकार किया है कि सिलेंडर की शॉर्टेज है और बुकिंग के करीब 24 दिन बाद सिलेंडर दे पाना संभव हो रहा है। एक उपभोक्ता ने दिखाया कि उसने आखिरी सिलेंडर जनवरी में लिया था, लेकिन रिकॉर्ड में मार्च की डिलीवरी दर्ज है — यानी सिस्टम में हेरफेर के गंभीर संदेह भी उठ रहे हैं। कई लोग तीन-चार दिनों से बिना गैस के हैं और खाना बनाने के लिए लकड़ी या पड़ोसियों की मदद ले रहे हैं। यह तस्वीर 21वीं सदी के एक आधुनिक शहर की नहीं, बल्कि किसी गहरे संकट की है।
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