पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि एक संगठित गिरोह बीमा धारकों का व्यक्तिगत डेटा इकट्ठा करके खुद को बड़ी बीमा कंपनियों (जैसे LIC, SBI Life इत्यादि) का अधिकृत प्रतिनिधि बताता था। ये अपराधी लोगों को पुरानी पॉलिसी का नवीनीकरण, बोनस, सरेंडर वैल्यू, मेच्योरिटी अमाउंट या अतिरिक्त लाभ दिलाने का लालच देकर ठगी करते थे। पीड़ितों से ऑनलाइन पेमेंट अपने या म्यूल खातों में करवाते थे।
तकनीकी जांच, डिजिटल सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस के आधार पर 5 जनवरी 2026 को संयुक्त टीम ने सेक्टर-63 स्थित इस फर्जी कॉल सेंटर पर दबिश दी। हैरानी की बात यह है कि यह कॉल सेंटर एक वैध लाइसेंस प्राप्त कॉल सेंटर की आड़ में चलाया जा रहा था, जिससे इसकी गतिविधियां आसानी से छिपाई जा रही थीं।
बरामद सामग्री
• 2 लैपटॉप (चार्जर सहित)
• 1 एयरटेल मॉडेम
• 31 मोबाइल फोन
• 721 कॉलिंग डेटा शीट्स
• 2 डायरी
• बड़ी संख्या में सिम कार्ड
• कॉल स्क्रिप्ट्स और बीमा संबंधी फर्जी दस्तावेज
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे स्क्रिप्ट के आधार पर कॉल करते थे और फर्जी योजनाओं का प्रचार करके पैसे ट्रांसफर करवाते थे। इस मामले में थाना सेक्टर-63 में मुकदमा संख्या 08/2026 दर्ज किया गया है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम और विवरण
1. छत्रपाल शर्मा (पुत्र रेवती प्रसाद शर्मा, हापुड़ मूल निवासी, नोएडा निवासी, MBA)
2. सत्यम (पुत्र संतोष कुमार सिंह, सिवान-बिहार मूल, गाजियाबाद निवासी, 12वीं पास)
3. समीर (पुत्र मुशीर अहमद, दिल्ली निवासी, B.Com)
4. राज सलाउद्दीन (पुत्र मोहम्मद सलाउद्दीन, वैशाली-बिहार मूल)
5. ईश्वर कर्माली (पुत्र माधो, दिल्ली निवासी)
6. सुहैल (पुत्र अलाउद्दीन, बुलंदशहर मूल)
7. विवेक कुमार (पुत्र रमेश चंद्र, गाजियाबाद निवासी)
8. सुमित कुमार (पुत्र भागवत सिंह, गौतम बुद्ध नगर निवासी)
9. मोहम्मद आसिफ (पुत्र मोहम्मद कमरुद्दीन, दिल्ली निवासी)
10. राजीव कुमार (पुत्र दाताराम, कासगंज निवासी, B.Sc)
11. सुहैल (पुत्र जियाउद्दीन, दिल्ली निवासी, B.A)
12. मिथिलेश (पुत्र ब्रज मोहन सिंह, बहराइच निवासी)
13. हरिओम (पुत्र राधेश्याम, कुशीनगर निवासी, B.A)
कार्रवाई करने वाली टीम का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह राणा और निरीक्षक राजकुमार चंदेल ने किया। टीम में उप निरीक्षक देवेंद्र सिंह, समरपाल सिंह, भूरे सिंह, सनी मलिक, परीक्षा गोंदिया, दीपक कुमार तथा थाना सेक्टर-63 से उप निरीक्षक ओम नारायण त्रिपाठी और सुमित कुमार आदि शामिल रहे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस तरह के फर्जी कॉल सेंटर्स की संख्या बढ़ रही है और नागरिकों से अपील है कि बीमा संबंधी किसी भी ऑफर के लिए केवल आधिकारिक चैनलों का ही इस्तेमाल करें। कोई भी संदिग्ध कॉल आए तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें। जांच जारी है और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश की जा रही है।

