साइबर क्राइम थाना: फर्जी पहचान, प्रेमजाल और विदेशी मुद्रा का लालच देकर होती थी ठगी; कई पासपोर्ट समेत बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद

साइबर क्राइम थाना: साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए मैट्रिमोनियल साइट और सोशल मीडिया के जरिए फर्जी पहचान बनाकर पीड़ितों को प्रेमजाल में फंसाकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 05 मोबाइल फोन, 01 लैपटॉप, 01 टैबलेट, 01 वाई-फाई राउटर, 01 डोंगल, 01 सिम कार्ड, विदेशी मुद्रा नायरा (1800), अलग-अलग नामों से जारी पासपोर्ट तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

कैसे काम करता था गिरोह
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अत्यंत सुनियोजित तरीके से काम करता था। सरगना और उसके साथी जीवनसाथी, शादी.कॉम जैसी मैट्रिमोनियल वेबसाइटों के साथ-साथ फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी प्रोफाइल बनाते थे। इन प्रोफाइल में खुद को विदेश में बसे समृद्ध व्यवसायी, डॉक्टर या इंजीनियर के रूप में पेश किया जाता था। पीड़ितों से धीरे-धीरे भावनात्मक संबंध बनाकर विश्वास जीता जाता था और फिर विदेशी उपहार, करेंसी या पार्सल भेजने के बहाने कस्टम ड्यूटी, ट्रांसपोर्टेशन चार्ज और अन्य फर्जी शुल्क के नाम पर मोटी रकम ऐंठी जाती थी।

फर्जी दस्तावेजों का जखीरा
आरोपी के पास से अलग-अलग नामों से जारी एकाधिक पासपोर्ट बरामद होना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वह अपनी असली पहचान छिपाने और विभिन्न रूपों में पीड़ितों को ठगने के लिए एकाधिक पहचान का उपयोग करता था। नायरा (नाइजीरिया की मुद्रा) की बरामदगी इस गिरोह के अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क की ओर इशारा करती है।

राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता खतरा
मुंबई पुलिस ने इस वर्ष जनवरी में एक ऐसे ही अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी रैकेट का पर्दाफाश किया था, जिसने मैट्रिमोनियल वेबसाइट और सोशल मीडिया को शिकारगाह बनाकर देशभर के नागरिकों से 200 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की थी और सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

दिल्ली में भी इसी प्रकार के एक मामले में नाइजीरियाई नागरिक कुलिबली अमारा को गिरफ्तार किया गया, जो फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिंडर और मैट्रिमोनियल ऐप्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर अकेले लोगों से दोस्ती करता था। वह पीड़ितों को महंगे उपहार और विदेशी करेंसी भेजने का लालच देकर कस्टम ड्यूटी, लेट फीस, ट्रांसपोर्टेशन चार्ज आदि के नाम पर मोटी रकम वसूलता था। राष्ट्रीय आपराधिक रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार वर्ष 2024 तक भारत में ऑनलाइन रोमांस और मैट्रिमोनियल फ्रॉड के 62,000 से अधिक मामले दर्ज हुए और इससे करीब 14,200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ — यह चार वर्षों में लगभग 900 प्रतिशत की वृद्धि है।

पुलिस की अपील
साइबर क्राइम पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि मैट्रिमोनियल या सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्ति द्वारा किसी भी प्रकार के उपहार, पार्सल या विदेशी पैसे के लालच में न आएं। किसी भी अज्ञात व्यक्ति को ऑनलाइन पैसे न भेजें और संदिग्ध गतिविधि की तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

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