New Delhi news क्राइम ब्रांच डब्ल्यूआर-टू ने निवेश के नाम पर इंटरस्टेट साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी की पहचान जमशीद के रूप में हुई है। आरोपी ठगी की रकम को अपने बैंक खाते में प्राप्त कर आगे विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर रहा था।
दिल्ली अपराध शाखा के पुलिस उप आयुक्त हर्ष इंदोरा ने बताया कि जांच में सामने आया कि पीड़ित संदीप कुमार को फेसबुक के जरिए एक ट्रेडिंग कंपनी के लिंक से जोड़ा गया और बाद में इंडियन निवेश नामक फर्जी एप डाउनलोड कराया गया। इसमें शेयर बाजार में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 45,90,000 जमा कराए गए। आरोपियों ने एप में करीब 7 करोड़ का फर्जी मुनाफा दिखाया, लेकिन जब पीड़ित ने पैसे निकालने की कोशिश की तो निकासी रोक दी गई और अतिरिक्त रकम जमा करने का दबाव बनाया गया।
पुलिस जांच में पता चला कि ठगी की रकम कई खातों में ट्रांसफर की गई थी। इनमें से एक प्रमुख प्रथम-स्तरीय लाभार्थी खाता एक्सिस बैंक मलप्पुरम (केरल) में जेएफएस टेÑडर के नाम से पाया गया, जिसे जमशीद के, फहद और सजाद संचालित कर रहा था।
क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी जांच और सर्विलांस के आधार पर आरोपी जमशीद के को केरल के पुलिकल क्षेत्र से ट्रेस कर पकड़ लिया।
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