रिपोर्ट में क्या आरोप?
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि संजय पांडेय ने थाने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि तत्कालीन विपक्षी नेता देवेंद्र फडणवीस और शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे को ULC केस में फंसाया जाए और गिरफ्तार भी किया जाए। यह कथित साजिश एमवीए सरकार के समय की बताई जा रही है।
शिवसेना (उद्धव) के संजय राउत ने रिपोर्ट की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए हैं और इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।
पृष्ठभूमि
यह मामला पुराना है। पहले भी संजय पांडेय पर आरोप लगे थे कि उन्होंने बिल्डरों से वसूली की कोशिश की और नेताओं को फंसाने का प्रयास किया। थाने पुलिस ने 2024 में उनके खिलाफ FIR भी दर्ज की थी। अब रश्मि शुक्ला की रिपोर्ट ने मामले को नया मोड़ दे दिया है।
महायुति सरकार में इस रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की संभावना है। राजनीतिक गलियारों में हलचल मची हुई है और विपक्ष इसे सत्ता का दुरुपयोग बता रहा है।

