Complaints of contaminated water continue in Noida and Greater Noida: मंत्री कुंवर बृजेश सिंह बोले- ‘इंदौर जैसे हालात नहीं होने देंगे’, प्राधिकरण की जांच में पानी साफ मिला

Complaints of contaminated water continue in Noida and Greater Noida: गौतमबुद्ध नगर जिले में नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कई सेक्टरों में दूषित पानी की सप्लाई से लोगों की परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही है। पिछले सप्ताह डेल्टा-1, अल्फा-2, बीटा-1 और अन्य सेक्टरों में सीवर मिक्सिंग के कारण दर्जनों लोग बीमार पड़ गए थे, जिसके बाद राज्य मंत्री कुंवर बृजेश सिंह ने सख्त तेवर दिखाते हुए आश्वासन दिया है कि यहां इंदौर जैसे हालात नहीं बनने दिए जाएंगे।

रविवार को ग्रेटर नोएडा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री कुंवर बृजेश सिंह (जो जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं) ने कहा, “यह जनहित का गंभीर मुद्दा है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी के अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट ली जाएगी। शुद्ध पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए एक्शन प्लान बनाया जाएगा। कमियां दूर की जाएंगी, जिम्मेदारी तय होगी और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।” उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों को पानी के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा।

शिकायतें बरकरार, लोग बीमार
• सेक्टर बीटा-1 के ई-ब्लॉक, कांशीराम सोसायटी (सेक्टर-25) और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कुछ सोसायटियों में रविवार को भी मटमैला, बदबूदार पानी आने की शिकायतें आईं।
• निवासियों का आरोप है कि सीवर ओवरफ्लो और पाइपलाइन लीकेज के कारण दूषित पानी सप्लाई हो रहा है, जिससे बच्चों-बुजुर्गों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द और त्वचा की समस्याएं बढ़ रही हैं। कई परिवार बाजार से पानी खरीदने को मजबूर हैं।
• आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर समस्या जल्द दूर नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।

प्राधिकरण का पक्ष और कार्रवाई
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने दूषित पानी की शिकायतों पर चार दिवसीय विशेष जांच अभियान चलाया, जिसका रविवार को तीसरा दिन था।
• 18 से अधिक सेक्टरों और गांवों में 80 से ज्यादा जगहों से रैंडम सैंपल लिए गए।
• जांच टीमों (टीडीएस मीटर, पीएच और क्लोरीन किट से लैस) ने पानी को मानकों के अनुरूप पाया। कुछ जगहों पर लीकेज मिलने पर तुरंत रिपेयर कराई गई।
• एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने कहा, “प्राधिकरण स्वच्छ जलापूर्ति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अभियान के बाद भी निरंतर मॉनिटरिंग और सुधार कार्य जारी रहेंगे।”
• सोमवार को अभियान का आखिरी दिन है, लेकिन जांच आगे भी जारी रहेगी।

पृष्ठभूमि
जनवरी की शुरुआत में डेल्टा-1 सेक्टर में दूषित पानी से 25-40 लोग बीमार पड़ गए थे, जिसके बाद हेल्थ कैंप लगाए गए और जांच तेज की गई। इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों की घटना के बाद यह मुद्दा और संवेदनशील हो गया है। पुरानी पाइपलाइनें, सीवर ओवरफ्लो और गंगाजल सप्लाई में देरी को मुख्य वजह बताया जा रहा है।

स्थानीय लोग राहत की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन शिकायतें बनी हुई हैं। प्राधिकरण का दावा है कि ज्यादातर जगह पानी साफ है, जबकि निवासी स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। क्या मंत्री के निर्देशों से समस्या का स्थायी हल निकलेगा? यह देखने वाली बात होगी।

यहां से शेयर करें