Chandigarh/Attari-Wagah Border: सरबजीत कौर पाकिस्तान से भारत निर्वासित, अटारी-वाघा बॉर्डर पर हुईं भारत वापसी

Chandigarh/Attari-Wagah Border: पंजाब की रहने वाली सरबजीत कौर, जो सिख तीर्थयात्रा के दौरान पाकिस्तान में रुक गई थीं और वहां एक स्थानीय व्यक्ति से निकाह करने के बाद विवादों में घिरीं, आज अटारी-वाघा बॉर्डर के माध्यम से भारत वापस लौट आईं। पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें वीजा उल्लंघन के आरोप में निर्वासित किया है।

सरबजीत कौर (52 वर्ष), कपूरथला जिले के अमनिपुर गांव की निवासी, 4 नवंबर 2025 को गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर 1,932 सिख श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ पाकिस्तान गई थीं। जत्था 13 नवंबर को वापस लौट आया, लेकिन सरबजीत वहां रुक गईं। बाद में खबर आई कि उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाया, नाम बदलकर नूर हुसैन रखा और शेखूपुरा के नासिर हुसैन से 5 नवंबर को निकाह कर लिया। वायरल निकाहनामा और एक वीडियो में उन्होंने दावा किया कि नासिर से उनकी दुबई में नौकरी के दौरान नौ साल पुरानी जान-पहचान थी। वे पहले से तलाकशुदा हैं और उनके दो बेटे हैं।

4 जनवरी 2026 को पाकिस्तान की इंटेलिजेंस ब्यूरो और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने ननकाना साहिब के पास पेहरे वाली गांव में सरबजीत और नासिर को गिरफ्तार किया। पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (PSGPC) के अध्यक्ष रमेश सिंह अरोड़ा ने इसकी पुष्टि की। कारण बताया गया कि सरबजीत का सिंगल एंट्री वीजा समाप्त हो चुका था और वे अवैध रूप से ठहरी हुई थीं।

आज सुबह से अटारी-वाघा बॉर्डर पर मीडिया की मौजूदगी में सरबजीत कौर को पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंपा गया। बॉर्डर से आई तस्वीरों और वीडियो में सरबजीत को सिर ढके हुए (संभवतः बुर्का या दुपट्टे में) बॉर्डर क्षेत्र में बैठे या चलते देखा गया। पंजाबी न्यूज चैनलों ने लाइव रिपोर्टिंग करते हुए उनकी भारत वापसी की तैयारी और प्रक्रिया दिखाई। कुछ रिपोर्ट्स में उन्हें भारतीय पक्ष में पहुंचने की जानकारी दी गई।

सरबजीत के गांव में लोग उन्हें अंतर्मुखी बताते हैं। वे एक आलीशान हवेली में रहती थीं और सामाजिक संबंध सीमित थे। उनके परिवार पर सुल्तानपुर लोधी में 10 से अधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें देह व्यापार के आरोप भी शामिल हैं। पुलिस वेरिफिकेशन के बावजूद उन्हें वीजा कैसे मिला, इसकी जांच चल रही है। पाकिस्तान इमीग्रेशन फॉर्म पर उन्होंने अपनी राष्ट्रीयता और पासपोर्ट नंबर जैसे विवरण छिपाए थे, जिससे ट्रैकिंग मुश्किल हो गई थी।

भारतीय अधिकारियों ने अभी सरबजीत की वापसी पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन बॉर्डर पर मौजूद मीडिया और सोशल मीडिया पोस्ट से निर्वासन प्रक्रिया पूरी होने की पुष्टि हो रही है। इस मामले ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर धार्मिक यात्राओं और वीजा नियमों पर फिर से बहस छेड़ दी है।

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