CAQM’s surprise inspection in Noida: 142 सड़कों में अधिकांश पर धूल कम या न के बराबर, लेकिन स्थानीय लोग उठा रहे सवाल—‘ये कैसा चेक?’

CAQM’s surprise inspection in Noida: एनसीआर में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए काम करने वाले कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 5-6 जनवरी को नोएडा में बड़ा सरप्राइज निरीक्षण अभियान चलाया। ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत 10 टीमों ने नोएडा अथॉरिटी द्वारा मेंटेन की जाने वाली 142 सड़क खंडों की जांच की।

आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश सड़कों पर धूल का स्तर कम या न के बराबर पाया गया—केवल 4 सड़कों पर उच्च धूल, 24 पर मध्यम, 66 पर कम और 48 पर कोई Visible धूल नहीं। कुल 114 सड़कें (लगभग 80%) धूल-मुक्त या कम धूल वाली बताई गईं।

CAQM ने इसे “प्रोत्साहनजनक” करार दिया और कहा कि मैकेनिकल स्वीपिंग, वॉटर स्प्रिंकलिंग और कचरा हटाने के प्रयास रंग ला रहे हैं। हॉटस्पॉट्स (जैसे फ्लाईओवर के नीचे, मेट्रो कॉरिडोर और कुछ आर्टेरियल रोड) पर MSW और C&D वेस्ट जमा होने की समस्या नोट की गई, जहां टारगेटेड कार्रवाई के निर्देश दिए गए। नोएडा अथॉरिटी के CEO लोकेश एम. ने इसे “सकारात्मक फीडबैक” बताया और सफाई अभियानों को जारी रखने का आश्वासन दिया।

लेकिन सवाल भी उठे
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स (जैसे टाइम्स ऑफ इंडिया) ने व्यंग्य किया कि नवंबर से एक भी क्लीन एयर डे न होने वाले नोएडा में CAQM को इतनी कम धूल कैसे दिखी? सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों में भी सवाल उठ रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि सेक्टर 20 से 12-22, सेक्टर 122, फिल्म सिटी, राजनिगंधा चौक जैसी जगहों पर अभी भी धूल और गंदगी का अंबार है। एक रिपोर्ट में सेक्टर 122 में निर्माण कार्यों से धूल अधिक होने की बात कही गई। कुछ लोगों ने निरीक्षण को “सतही” या “चुनिंदा सड़कों तक सीमित” करार दिया।

विभिन्न समाचार स्रोतों (PIB, CAQM ऑफिशियल ट्विटर, UNI आदि) और आधिकारिक वेबसाइट की जांच में 142 सड़कों की पूरी विस्तृत लिस्ट सार्वजनिक नहीं दी गई है। केवल समरी और कुछ उदाहरणों का जिक्र है। संभवतः यह आंतरिक रिपोर्ट है या विस्तृत नाम इसलिए नहीं दिए गए ताकि फोकस सुधार पर रहे।

CAQM ने स्पष्ट किया कि जांच UPPCB और अपनी फ्लाइंग स्क्वॉड से बिना पूर्व सूचना के हुई, जिसमें जियो-टैग्ड फोटो सबूत लिए गए। कमीशन ने NCR में ऐसे अभियान जारी रखने और GRAP नियमों का सख्त पालन कराने का वादा किया है।
वर्तमान में नोएडा का AQI अभी भी ‘वीक’ कैटेगरी में है और धूल प्रदूषण का बड़ा स्रोत बनी हुई है। स्थानीय निवासियों की शिकायतें बरकरार हैं, जबकि आधिकारिक दावा सुधार का है।

यहां से शेयर करें