आमों में कैल्शियम कार्बाइड का खतरा: गर्मियों के साथ बाजारों में आमों (मैंगो) की भरमार शुरू होते ही हैदराबाद पुलिस और नगर निगम अधिकारियों ने कृत्रिम रूप से पकाए जा रहे आमों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। कुछ लालची व्यापारी मुनाफे के चक्कर में कैल्शियम कार्बाइड और अन्य हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल करके कच्चे आमों को जल्दी पका रहे हैं, जो जन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।
हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वी.सी. सज्जनार ने शुक्रवार को सार्वजनिक चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा, “राजा फल (आम) फिर से हमारे थालियों में लौट आया है, लेकिन लोग सतर्क रहें। रसायनों से पकाए गए आमों से बचें। ‘ऑर्गेनिक’ लेबल वाले आमों पर भी भरोसा न करें। चमकदार सुनहरे रंग के आम सड़क किनारे की दुकानों पर खरीदना घर में बीमारी बुलाने जैसा है।”
कमिश्नर ने आगे कहा कि प्राकृतिक रूप से पके आमों का रंग एक समान नहीं होता, जबकि रसायनों से पके आम बाहर से चमकदार पीले दिखते हैं लेकिन अंदर कच्चे और जहरीले रहते हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे आम खाने से तुरंत गले में जलन, मतली, उल्टी और दस्त हो सकते हैं। लंबे समय में नर्वस सिस्टम को नुकसान और सांस की बीमारियां हो सकती हैं।
पुलिस और हैदराबाद फूड एडल्टरेशन सर्विलांस टीम (H-Fast) ने 4 और 5 अप्रैल को छापेमारी कर कम से कम दो थोक फल व्यापारियों को गिरफ्तार किया। चूड़ी बाजार में एक व्यापारी पर “डायमंड राइप एथिलीन” के अत्यधिक इस्तेमाल का आरोप लगा। H-Fast टीम ने उससे दो दर्जन से ज्यादा सैशे जब्त किए। शहर के विभिन्न गोदामों से लगभग 7 टन संदिग्ध आम जब्त किए गए, जिन्हें एथिलीन और कैल्शियम कार्बाइड से पकाने का शक है। नमूने परीक्षण के लिए भेज दिए गए हैं।
H-Fast अधिकारी ने बताया कि व्यापारी जरूरत से ज्यादा राइपनर इस्तेमाल कर रहा था। टीम अब गोदामों, वेयरहाउस और दुकानों पर सख्त नजर रख रही है। नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी नमूने जमा कर रासायनिक परीक्षण करा रहे हैं और विक्रेताओं से अपील की है कि वे असुरक्षित राइपनिंग एजेंट बेचने वालों की सूचना दें।
कैसे पहचानें रसायनों से पके आम?
बाहर से एकदम चमकदार और एक समान पीला रंग| अंदर कच्चा या सख्त रहना| रासायनिक गंध आना| प्राकृतिक मीठी खुशबू की कमी|बेकिंग सोडा वाले पानी में धोने पर रंग बदलना या धब्बे दिखना| पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि आपको ऐसे आम मिलें तो तुरंत डायल 100 पर या H-Fast हेल्पलाइन नंबर 8712661212 पर सूचना दें।
भारत में FSSAI नियमों के तहत कैल्शियम कार्बाइड का फलों को पकाने के लिए इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बजाय नियंत्रित मात्रा में एथिलीन गैस का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन कई व्यापारी सस्ते और अवैध तरीकों का सहारा ले रहे हैं। थोक फल विक्रेताओं का कहना है कि सभी व्यापारी ऐसा नहीं करते, कुछ मात्रा में गैर-हानिकारक एजेंट इस्तेमाल की अनुमति है, लेकिन लालच में कुछ लोग सीमा पार कर जाते हैं। हैदराबाद पुलिस का यह अभियान आम सीजन में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में सख्त कदम है। कमिश्नर सज्जनार ने “जागरूक हैदराबाद, सुरक्षित हैदराबाद” का संदेश देते हुए कहा कि बाहरी आकर्षण में न आकर आम की प्राकृतिकता की जांच जरूर करें। उपभोक्ताओं को सलाह है कि आम खरीदते समय रंग, गंध और स्वाद पर ध्यान दें तथा संदिग्ध मामलों की तुरंत रिपोर्ट करें।

