BPSC TRE-4: TRE-4 अभ्यर्थियों का महाआंदोलन आज, और नीतीश के ‘कंधे वाले इशारे’ से सियासी हलचल तेज

BPSC TRE-4: बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण (BPSC TRE-4) का नोटिफिकेशन अब तक जारी न होने से नाराज अभ्यर्थियों का सब्र आज टूट गया। पटना के वीर चंद पटेल पथ पर रविवार को बड़ी संख्या में शिक्षक अभ्यर्थी एकजुट हुए और उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग को 17 मार्च की रात तक का अल्टीमेटम दिया था कि अगर TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ तो 18 मार्च को पटना की सड़कों पर महाआंदोलन होगा।

आंदोलन की शुरुआत पटना कॉलेज परिसर से होगी, जहां से छात्र जुलूस के रूप में भिखना पहाड़ी, गांधी मैदान और बेली रोड होते हुए बिहार लोक सेवा आयोग कार्यालय तक पहुंचेंगे। अभ्यर्थियों का साफ कहना है कि जब तक नोटिफिकेशन जारी नहीं होगा, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार ने लगातार वादाखिलाफी की है। बीपीएससी ने हाल ही में परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया, जिसमें 70वीं, 71वीं और 72वीं परीक्षाओं सहित जून-जुलाई 2026 तक का शेड्यूल था, लेकिन उसमें TRE-4 का कोई जिक्र नहीं था। इससे लंबे समय से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों का गुस्सा भड़क उठा।

अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें हैं कि TRE-4 में 1 लाख 20 हजार सीटों पर विज्ञापन जल्द जारी हो, आयु सीमा 37 से बढ़ाकर 40 साल की जाए, लाइब्रेरियन के लिए LET का आयोजन हो और 26 हजार पदों पर कंप्यूटर शिक्षकों की बहाली जल्द हो।
एक अभ्यर्थी नेहा परवीन ने कहा कि शिक्षा मंत्री की ओर से दो वर्षों से ‘शीघ्र’ कहा जा रहा है, लेकिन वह ‘शीघ्र’ अभी तक आया ही नहीं।

नीतीश का ‘कंधे पर हाथ’: क्या सम्राट चौधरी होंगे बिहार के अगले मुख्यमंत्री?
बिहार की राजनीति में इन दिनों एक तस्वीर और एक इशारा पूरी सियासी बहस की धुरी बन गया है। समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखा और उन्हें जनता के सामने आगे बढ़ाया। यह दृश्य अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है और कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या नीतीश ने बिहार के अगले सीएम का संकेत दे दिया है।

बैजानी की जनसभा में नीतीश कुमार का व्यवहार काफी रणनीतिक रहा। कार्यक्रम के अंत में वे अन्य वरिष्ठ नेताओं को पीछे छोड़ते हुए सीधे सम्राट चौधरी के पास पहुंचे, उनकी पीठ थपथपाई और दूसरे हाथ से भीड़ का अभिवादन किया। 13 मार्च को सहरसा की एक रैली में नीतीश ने सम्राट चौधरी का हाथ जनता के सामने उठाकर लहराया और सकारात्मक संकेत दिए। राजनीतिक पंडितों ने इसे नीतीश द्वारा अपने संभावित ‘उत्तराधिकारी’ के राजतिलक के तौर पर देखा। हालांकि इसी मंच से उन्होंने मुस्कराते हुए यह भी कह दिया कि “हम कहीं नहीं जा रहे”, जिससे सस्पेंस का नया दौर शुरू हो गया।

वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि नीतीश कुमार का राज्यसभा में जाना लगभग तय है और अगला मुख्यमंत्री भाजपा का ही होगा। सम्राट चौधरी का गृहमंत्री होना और एकल उपमुख्यमंत्री के रूप में उनकी नियुक्ति उनके पक्ष में जाती है।
हालांकि राजनीतिक हलकों में सम्राट चौधरी के अलावा नित्यानंद राय, संजय जायसवाल, दिलीप जायसवाल और जनक राम जैसे नेताओं के नाम भी संभावित दावेदारों के रूप में चर्चा में हैं। इस बीच जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की अधिसूचना भी जारी हो गई है। 22 मार्च को नामांकन और 27 मार्च को यदि एक से अधिक उम्मीदवार हुए तो चुनाव होगा।

संक्षेप में: एक ओर बिहार के शिक्षक अभ्यर्थी नोटिफिकेशन की मांग को लेकर आज सड़कों पर हैं, तो दूसरी ओर राज्य की राजनीति नेतृत्व परिवर्तन के सबसे बड़े मोड़ पर खड़ी है। दोनों मुद्दे आने वाले दिनों में बिहार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।​​​​​​​​​​​​​​​​

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