Bihar Assembly Election News: बिहार विधानसभा चुनाव की रणभेरी बजते ही राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के युवा नेता और विपक्ष के चेहरे तेजस्वी प्रसाद यादव ने आज वैशाली जिले के राघोपुर विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। उनके माता-पिता, पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी भी उनके साथ मौजूद रहीं। यह सीट यादव परिवार का पारंपरिक गढ़ रही है, जहां तेजस्वी पिछले दो चुनावों से लगातार जीतते आ रहे हैं। इस बार वे तीसरी बार यहां से चुनाव लड़ेंगे, जो दूसरे चरण में 11 नवंबर को होगा।
हाजीपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे तेजस्वी को हजारों समर्थकों ने जोरदार स्वागत दिया। नामांकन दाखिल करने के बाद उन्होंने कहा, “राघोपुर की जनता ने मुझे पिछले दो बार भरोसा दिया है। आज तीसरी बार नामांकन भर रहा हूं। मेरा संकल्प है कि बिहार के हर परिवार को एक नौकरी मिले। बिहार से बेरोजगारी मिटानी है।
हम न सिर्फ सरकार बनाना चाहते हैं, बल्कि बिहार को समृद्ध बनाना चाहते हैं। कुछ लोग कह रहे थे कि मैं दो सीटों से लड़ूंगा, लेकिन तेजस्वी यादव 243 सीटों से लड़ रहा है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि राघोपुर ही उनका कर्मभूमि रहेगी।
यह नामांकन महागठबंधन (आईएनडीआईए गठबंधन) की सीट बंटवारे की औपचारिक घोषणा से ठीक पहले हुआ है। आरजेडी ने अभी तक उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है, लेकिन स्रोतों के अनुसार कांग्रेस को 61 सीटें मिल सकती हैं, जबकि आरजेडी पर 135 सीटों का दावा है। लालू प्रसाद ने हाल ही में कई उम्मीदवारों को पार्टी सिंबल बांटा था, लेकिन तेजस्वी के हस्तक्षेप पर इसे रोक दिया गया ताकि गठबंधन फॉर्मूला तय हो सके।
राघोपुर में तेजस्वी का मुकाबला जन सुराज पार्टी के चंचल सिंह से होगा। पार्टी संस्थापक प्रशांत किशोर ने कल ही घोषणा की कि वे खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे, जो विपक्ष के लिए राहत की बात है। किशोर ने कहा कि यह फैसला पार्टी के हित में लिया गया। आरजेडी ने इसे किशोर की हार मानते हुए तंज कसा कि वे “युद्धभूमि में उतरने से पहले ही भाग खड़े हुए।”
दूसरी ओर, एनडीए में भी सीट बंटवारे पर खींचतान चल रही है। भाजपा ने 71 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की, जिसमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (तरापुर) और विजय कुमार सिन्हा (लखीसराय) शामिल हैं। जेडीयू ने 57 नामों की सूची दी, जिसमें चार महिलाएं हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कल से समस्तीपुर से चुनाव प्रचार शुरू करेंगे।
बिहार चुनाव दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होंगे, जबकि 14 नवंबर को नतीजे आएंगे। कुल 243 सीटों पर सियासत गर्म है, जहां बेरोजगारी, विकास और जातिगत समीकरण प्रमुख मुद्दे हैं। तेजस्वी ने नामांकन के दौरान संपत्ति और शैक्षणिक योग्यता का ब्योरा भी जमा किया।
यह घटना बिहार की सियासत में यादव परिवार की मजबूत पकड़ को रेखांकित करती है। राघोपुर, जो कभी लालू और राबड़ी का गढ़ था, अब तेजस्वी की अगुवाई में आरजेडी का प्रमुख केंद्र बन चुका है। विपक्षी नेता नितीन नवीन ने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी बताएं कि उन्होंने राघोपुर के लिए क्या किया, जबकि नीतीश सरकार ने वहां विकास की बुनियाद रखी।

