Big news amid the Iran war: भारतीय जहाजों के लिए खुला होर्मुज स्ट्रेट, ख़ुश ख़बरी क्या क़िल्लत होगी खत्म?

Big news amid the Iran war: पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सफलता के रूप में ईरान ने भारत के झंडे वाले तेल टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है। नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय टैंकर पुष्पक और परिमल इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से सुरक्षित रूप से गुजर चुके हैं, जबकि अमेरिका, इजरायल और यूरोपीय देशों से जुड़े जहाजों पर प्रतिबंध जारी है।

यह विकास विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच हुई कई दौर की बातचीत के बाद संभव हुआ है। युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच कम से कम तीन बार फोन पर चर्चा हुई, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही प्रमुख मुद्दा रहा। सूत्रों के हवाले से यह खबर है कि कूटनीतिक प्रयासों से भारत को यह विशेष छूट मिली है।

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का प्रमुख मार्ग है, लेकिन ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) द्वारा लगाई गई नाकाबंदी के कारण यहां से जहाजों का आवागमन 95% तक घट गया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि यह मार्ग अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी देशों के लिए बंद है, लेकिन कुछ चुनिंदा देशों के जहाजों को अनुमति दी जा रही है।

अन्य देशों को भी मिली छूट
रूस से जुड़े टैंकर (जैसे HH ग्लोरी) को सुरक्षित गुजरने दिया गया। चीन के कई जहाज, जैसे जिन है वो, साइनो ओशन और रन चेन 2, ज्यादातर रात के समय निकले। ग्रीस का टैंकर शेनलॉन्ग (लाइबेरिया फ्लैग) और मेडागास्कर के कुछ जहाज भी सुरक्षित निकले।ईरानी जहाजों और डार्क फ्लीट (पाबंदियों से बचने वाले टैंकर) को भी अनुमति मिल रही है।

चुनौतियां बरकरार
हालांकि यह भारत के लिए राहत की बात है, लेकिन क्षेत्र में खतरा अभी भी बना हुआ है। बुधवार को थाईलैंड के कार्गो जहाज मयूरी नारी (जो कांडला बंदरगाह जा रहा था) पर मिसाइल हमला हुआ, जिसमें 20 क्रू सदस्यों को बचाया गया लेकिन तीन लापता हैं। भारत ने कमर्शियल जहाजों पर हमलों की कड़ी निंदा की है। इसके अलावा, सऊदी क्रूड से भरा एक लाइबेरियन टैंकर (भारतीय कप्तान के साथ) मुंबई पहुंचा है, जो युद्ध के बाद होर्मुज से गुजरने वाला पहला ऐसा जहाज माना जा रहा है।

यह कूटनीतिक जीत भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम है, क्योंकि देश अपनी अधिकांश तेल जरूरतें आयात करता है। वैश्विक तेल कीमतें पहले से ही बढ़ रही हैं, और होर्मुज की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर टिकी है।

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