क्यों पड़ा ड्रोन का सहारा?
बीड सूखाग्रस्त, पिछड़ा इलाका माना जाता है। यहां संगठित नकल का धंधा फल-फूल रहा था—अभिभावक चिट्ठियां फेंकते, शिक्षक मदद करते, राजनीतिक प्रभाव वाले स्कूल-कॉलेज नकल को बढ़ावा देते आ रहे है। पिछले सालों में अभिभावकों ने सख्त निगरानी का विरोध करते हुए परीक्षा केंद्रों पर पथराव तक कर दिया था।
जिला कलेक्टर विवेक जॉनसन (जिला सतर्कता समिति के प्रमुख) ने कहा, “ड्रोन लोगों को परीक्षा केंद्रों के पास आने से रोकते हैं। संवेदनशील केंद्रों पर रैंडम चेकिंग होती है।” जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) प्रियारानी पाटिल ने इसे ‘गेम-चेंजर’ बताया, “फ्लाइंग स्क्वाड की लीक होने की आशंका रहती है, लेकिन ड्रोन सरप्राइज एलिमेंट देते हैं।”
2026 परीक्षाओं में क्या-क्या इंतजाम?
• ड्रोन: 2 ड्रोन + प्रोफेशनल ऑपरेटर। 11 तालुकों को 4 ग्रुप में बांटकर मॉनिटरिंग।
• सीसीटीवी: सभी ~1,000 केंद्रों पर, 95% पर लाइव स्ट्रीमिंग। कंट्रोल रूम में रीयल-टाइम नजर।
• जूम मॉनिटरिंग: जहां लाइव फीड नहीं, वहां जूम कॉल से इन्विजिलेटर्स को निर्देश।
• SSC परीक्षा: 20 फरवरी 2026 से शुरू। ड्रोन उसी दिन से सक्रिय।
• HSC (कक्षा 12): 10 फरवरी से शुरू। पहले दिन ही ड्रोन ने कमाल किया।
चाउसाला कांड: ड्रोन ने पकड़ा सबूत
10 फरवरी को इंग्लिश पेपर के दौरान चाउसाला गांव के सेंटर 224 पर ड्रोन फुटेज में अभिभावक और बाहर वाले खिड़कियों से चिट्ठियां फेंकते दिखे। 16 हॉल में शिक्षक खुद नकल करवा रहे थे।
• परिणाम: 17 लोगों (शिक्षक समेत) पर FIR। 5 शिक्षक (भालचंद्र विद्यालय, लिंबागणेश) निलंबित। 12 अन्य पर जांच, संभवतः निलंबन।
• अधिकारियों का एक्शन: पूरा स्टाफ बदला गया। राज्य बोर्ड ने 31 स्टाफ सस्पेंड किए (पूरे राज्य में 100+ नकल मामले)।
बीड जिला परिषद सीईओ जिथिन रहमान ने कहा, “लोग इमारतों पर चढ़कर चिट्ठियां देते थे। अब ड्रोन कैद करता है, तुरंत टीम भेजकर जांच होती है।”
राज्य स्तर पर असर
• चत्रपति संभाजीनगर डिवीजन में नकल के 44% मामले।
• वाशिम, बीड में ड्रोन+सीसीटीवी से 27 पर आपराधिक मुकदमे।
• अन्य जिलों में भी फ्लाइंग स्क्वाड तेज, लेकिन बीड पहला जहां ड्रोन नियमित तैनात।
अभिभावक-छात्रों की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोग इस कड़े रुख का स्वागत कर रहे हैं। एक शिक्षक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “स्कूल अच्छे रिजल्ट का लालच देकर छात्र खींचते थे। अब छवि सुधरेगी।” हालांकि कुछ अभिभावक पहले विरोध कर चुके हैं। SSC परीक्षा जारी। ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी सख्त। राज्य बोर्ड ने बाकी पेपरों के लिए “कॉपी-फ्री” अभियान तेज किया। बीड प्रशासन का दावा—इस बार नकल के संगठित प्रयास लगभग थम गए। यह प्रयोग न सिर्फ बीड की छवि सुधार रहा है, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के बोर्ड परीक्षाओं में नई मिसाल पेश कर रहा है।

