बम-नगाड़ा प्रतियोगिता: रूपवास में आयोजित हुई परंपरागत बम-नगाड़ा प्रतियोगिता, पांच घंटे गूंजती रही होली की धमक

बम-नगाड़ा प्रतियोगिता: गौतमबुद्ध नगर जिले के ऐतिहासिक गांव रूपवास में होली के अवसर पर वर्षों से चली आ रही बम-नगाड़ा बजाने की परंपरा इस वर्ष भी पूरे उत्साह और उमंग के साथ निभाई गई। दुल्हेंडी के दिन गांव के दो मोहल्लों के लोगों ने करीब पांच घंटे तक बम-नगाड़े बजाकर होली का त्योहार मनाया। रूपवास गांव में होली के दिन दोनों मोहल्लों के बीच बम-नगाड़ा बजाने की प्रतियोगिता होती है। इसमें दोनों पक्षों की ओर से एक दर्जन से अधिक बम-नगाड़े रखे जाते हैं और सैकड़ों घंटों की धुन पर लगातार उन्हें बजाया जाता है। कई घंटों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता को देखने के लिए आसपास के फत्तेपुर, गाजीपुर, फूलपुर, कैलाशपुर, खेड़ी, भनौता, आमका, पाली, दुजाना, आनंदपुर, नई बस्ती, बमबावड़, तिलपता, बादलपुर, कटहैरा और बढ़पुरा सहित अनेक गांवों के लोग पहुंचते हैं। बताया कि गांव में बम-नगाड़ा बजाने की परंपरा बुजुर्गों के समय से चली आ रही है।

पहले यह प्रतियोगिता एक मोहल्ले की ओर से स्व. नत्थू उर्फ छैलू व स्व. राजवीर सिंह तथा दूसरे मोहल्ले की ओर से स्व. जयपाल सिंह और स्व. वीरपाल सिंह के नेतृत्व में होती थी। उनके निधन के बाद अब एक पक्ष की कमान बाबूराम सिंह और दूसरे पक्ष की जिम्मेदारी ईश्वर सिंह संभाल रहे हैं, जो इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। पार्षद सरजीत गुर्जर ने बताया कि बम-नगाड़ा की यह परंपरा गांव की पहचान बन चुकी है। नई पीढ़ी भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है, जिससे यह ऐतिहासिक परंपरा लगातार आगे बढ़ रही है।

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