Balochistan’s biggest attack in decades: BLA की ‘हेरॉफ-2’ कार्रवाई में महिला फिदायीन की भूमिका, अमेरिका-चीन के हितों पर खतरा

Balochistan’s biggest attack in decades: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने 31 जनवरी और 1 फरवरी को बड़े पैमाने पर समन्वित हमले किए, जिसे संगठन ने ‘हेरॉफ-2’ (ब्लैक स्टॉर्म का दूसरा चरण) नाम दिया। यह दशकों में बलूच विद्रोहियों का सबसे बड़ा और घातक अभियान माना जा रहा है। हमलों में सुरक्षा बलों, नागरिकों और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए। BLA ने दो महिला फिदायीन (आत्मघाती) हमलावरों की तस्वीरें जारी की हैं, जो इस अभियान की गंभीरता को दर्शाती हैं।

हमलों का पैमाना और हताहत
BLA के अनुसार, ‘हेरॉफ-2’ में 800 से 1,000 लड़ाके शामिल थे, जिनमें महिलाएं भी थीं। हमले क्वेटा, नोशकी, मस्तुंग, ग्वादर, कलात, खारन, पंजगुर समेत 15 से अधिक शहरों और कस्बों में हुए। विद्रोहियों ने पुलिस स्टेशन, जेल, सैन्य कैंप, रेलवे लाइन और सड़कों पर विस्फोटक लगाए। मस्तुंग जेल पर हमले में 30 कैदी छुड़ाए गए, जबकि ग्वादर में प्रवासी मजदूरों के कैंप पर गोलीबारी में 11 लोग मारे गए।

हताहतों के आंकड़े विवादास्पद हैं:
• बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती के अनुसार, 31 नागरिक और 17 सुरक्षाकर्मी मारे गए, जबकि 40 घंटे की कार्रवाई में 145 विद्रोही ढेर किए गए।
• BLA के प्रवक्ता जीयंद बलोच ने दावा किया कि 84 सुरक्षाकर्मी मारे गए और 18 कैद किए गए, जबकि उनके केवल 7-18 लड़ाके शहीद हुए, जिनमें 4 फिदायीन शामिल हैं। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पुष्टि की कि कुछ हमलों में महिला हमलावर शामिल थीं। इंटरनेट सेवा बाधित रही और परिवहन सेवाएं प्रभावित हुईं।

महिला फिदायीन हमलावरों की तस्वीरें जारी
BLA ने दो महिला फिदायीन की तस्वीरें और विवरण जारी किए। एक 24 वर्षीय आसिफा मेंगल हैं, जो नोशकी की रहने वाली हैं और BLA की मजीद ब्रिगेड में शामिल हुईं। उन्होंने जनवरी 2024 में फिदायीन बनने का फैसला किया और नोशकी में ISI मुख्यालय पर हमला किया। दूसरी महिला का नाम अभी सार्वजनिक नहीं हुआ, लेकिन उनका एक वीडियो वायरल है जिसमें वह हथियार थामे मुस्कुराती नजर आ रही हैं और बलोच राष्ट्र को जागने का आह्वान कर रही हैं। BLA ने इन्हें ‘जनरेशन जेड’ और शिक्षित बताया है।

अमेरिका और चीन के लिए चेतावनी
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे गरीब प्रांत है, जो प्राकृतिक गैस, तांबा, सोना और दुर्लभ मिनरल्स से समृद्ध है। ग्वादर बंदरगाह चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) का प्रमुख हिस्सा है, जो चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का फ्लैगशिप प्रोजेक्ट है। हाल ही में अमेरिका ने रेको डिक खदान में 1.25 अरब डॉलर और दुर्लभ मिनरल्स निकासी के लिए निवेश की घोषणा की है।

विदेश नीति विशेषज्ञ माइकल कुगेलमैन ने कहा कि ये हमले अमेरिका और चीन के लिए वेक-अप कॉल हैं, क्योंकि BLA का मुख्य आरोप बाहरी ताकतों द्वारा स्थानीय संसाधनों का शोषण है। BLA ने पहले भी चीनी इंजीनियरों पर हमले किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे विदेशी निवेश बढ़ेगा, सुरक्षा चुनौतियां भी बढ़ेंगी।

पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि हमलों को नाकाम कर दिया गया, लेकिन BLA का यह अभियान बलोच अलगाववाद की ताकत को रेखांकित करता है। जांच और मैनहंट जारी है।

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