Baghpat News: बड़ौत, बागपत। मंगलवार सुबह बड़ौत के श्री दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज मैदान में भगवान आदिनाथ के निर्वाण लड्डू पर्व के दौरान एक भयानक हादसा हो गया। कार्यक्रम के लिए बनाया गया 65 फीट ऊंचा अस्थायी मंच श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का भार सहन नहीं कर पाया और अचानक टूटकर गिर गया। इस हादसे में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 75 से अधिक लोग घायल हो गए।
Baghpat News: कैसे हुआ हादसा
सुबह करीब 8 बजे श्री 1008 आदिनाथ भक्तांबर प्रचार के तत्वावधान में मोक्ष कल्याणक निर्वाण महोत्सव के तहत भगवान आदिनाथ के अभिषेक का कार्यक्रम चल रहा था। मान स्तंभ परिसर में स्थापित प्रतिमा के अभिषेक के लिए अस्थायी मंच तैयार किया गया था। लेकिन मंच पर अधिक श्रद्धालुओं के चढ़ने से उसकी सीढ़ियां टूट गईं और पूरा मंच भरभराकर गिर गया।
घटना के दौरान मची भगदड़
मंच गिरने से करीब 80 श्रद्धालु नीचे दब गए। भगदड़ में कई लोग घायल हो गए। मौके पर हाहाकार मच गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर स्थिति को संभाला और घायलों को तत्काल अस्पताल भिजवाया।
Baghpat News: घायलों और मृतकों की सूची
हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं में शामिल हैं:
तरसपाल (66) पुत्र हुकमचंद, गांधी रोड
अमित (35) पुत्र नरेश चंद
अरुण (48) पुत्र केशव राम
ऊषा (24) पत्नी सुरेंद्र
शिल्पी (24) पुत्री सुनील जैन
विनीत जैन (40) पुत्र सुरेंद्र
कमलेश जैन (65) पत्नी सुरेश चंद
घायलों में 15 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
Baghpat News: 25 वर्षों से हो रहा था आयोजन
यह आयोजन पिछले 25 वर्षों से प्रतिवर्ष आयोजित होता था। हादसे के समय आयोजन स्थल की जमीन में नमी और अस्थायी संरचना के कमजोर होने के कारण यह दुर्घटना हुई।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने आयोजन में सुरक्षा उपायों की कमी पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने के बावजूद मंच की संरचना को मजबूत बनाने और आपदा प्रबंधन की कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। एसडीएम मनीष कुमार ने कहा कि हादसे के जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। घायलों को हर संभव मदद पहुंचाने का आश्वासन दिया गया है। पुलिस ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित कर लिया है। सभी घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है। मृतकों के पोस्टमार्टम को लेकर कुछ श्रद्धालुओं ने विरोध जताया, लेकिन अधिकारियों ने स्थिति संभाल ली।
यह हादसा आयोजन में लापरवाही और सुरक्षा उपायों की अनदेखी का बड़ा उदाहरण है। प्रशासन और आयोजकों की जिम्मेदारी तय करना आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।