अयोध्या भदरसा कांड: सपा नेता मोईद खान पॉक्सो कोर्ट से बरी, जानें कैसे चला था संपत्तियों पर बुलडोजर

Bhadrasa incident News: अयोध्या के बहुचर्चित भदरसा कांड में एक बड़ा कानूनी मोड़ आया है। जहाँ समाजवादी पार्टी के नेता मोईद खान को पॉक्सो कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी कर दिया है, वहीं इस मामले ने एक बार फिर उन यादों को ताज़ा कर दिया है जब प्रशासन का बुलडोजर उनके घर और संपत्तियों पर गरजा था।

1. पॉक्सो कोर्ट का फैसला और बरी होने का आधार

अयोध्या की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने 28 जनवरी 2026 को सुनाए गए अपने फैसले में सपा नेता मोईद खान को बाइज्जत बरी कर दिया है। अदालत ने पाया कि मोईद खान के खिलाफ गैंगरेप के पर्याप्त सबूत नहीं थे। सबसे बड़ा आधार डीएनए (DNA) रिपोर्ट बनी, जिसमें पीड़ित किशोरी के भ्रूण का डीएनए मोईद खान से मैच नहीं हुआ। हालांकि, इसी मामले में उनके नौकर और सह-आरोपी राजू खान का डीएनए मैच होने के कारण उसे अदालत ने दोषी करार दिया है।

2. अवैध कब्जों पर प्रशासन का ‘हंटर’

जुलाई 2024 में जब यह मामला सुर्खियों में आया, तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख के बाद जिला प्रशासन ने मोईद खान की संपत्तियों की कुंडली खंगाली। जांच में पाया गया कि मोईद खान ने कई सरकारी जमीनों और तालाबों पर अवैध कब्जा कर रखा था। इसी आधार पर प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की।

3. बेकरी पर पहली बड़ी कार्रवाई

अगस्त 2024 की शुरुआत में, भदरसा स्थित मोईद खान की ‘इवन बेकरी’ (Avon Bakery) पर प्रशासन ने धावा बोला। राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश में पाया कि बेकरी का निर्माण सरकारी जमीन (तालाब की भूमि) पर किया गया था।

  • कैसे चला बुलडोजर: भारी पुलिस बल की मौजूदगी में दो बुलडोजरों ने कुछ ही घंटों में आलीशान बेकरी को खंडहर में तब्दील कर दिया। उस समय बेकरी में रखे सामान और मशीनों को भी बाहर कर दिया गया था।

4. शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का विध्वंस

बेकरी के बाद प्रशासन की नजर मोईद खान के एक विशाल शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर पड़ी। इस कॉम्प्लेक्स में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा भी संचालित हो रही थी।

  • कार्रवाई का तरीका: प्रशासन ने पहले बैंक को खाली करने का नोटिस दिया। बैंक शिफ्ट होने के बाद, अगस्त के तीसरे सप्ताह में प्रशासन ने फिर से बुलडोजर उतारा।
  • विस्तार: लगभग 10,000 वर्ग फीट में फैले इस कॉम्प्लेक्स के उस हिस्से को पूरी तरह ढहा दिया गया जो तालाब और खलिहान की जमीन पर अवैध रूप से बना था।

5. राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

यह बुलडोजर कार्रवाई उस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बनी थी क्योंकि मोईद खान सपा सांसद अवधेश प्रसाद के करीबी माने जाते थे। विपक्ष ने इसे “एकतरफा कार्रवाई” और “बुलडोजर न्याय” करार दिया था, जबकि सरकार का तर्क था कि यह अपराध और अवैध अतिक्रमण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है।

 

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