जेंडर के हिसाब से: पुरुष 1,24,82,213, महिला 1,24,75,583 और थर्ड जेंडर 343। ड्राफ्ट लिस्ट (27 दिसंबर 2025) में 2,52,01,624 मतदाता थे। नवंबर-दिसंबर 2025 में घर-घर सत्यापन और जनवरी 2026 तक दावे-आपत्तियां निपटाई गईं।
विवाद और विपक्ष के आरोप
विपक्ष ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने “गंभीर अनियमितताएं” का आरोप लगाया, जैसे मृतकों के नाम और फर्जी फॉर्म। कुछ BLO को अनियमितताओं के लिए सस्पेंड किया गया। असम को अन्य राज्यों जैसे SIR से छूट मिली थी, सिर्फ स्पेशल रिवीजन हुआ। CM हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि कोई असली भारतीय नागरिक टारगेट नहीं, सिर्फ डुप्लिकेट और माइग्रेशन के नाम हटाए गए। 2026 विधानसभा चुनाव से पहले यह रिवीजन महत्वपूर्ण है। लिस्ट साफ-सुथरी बनाने का दावा किया गया, लेकिन विपक्ष इसे “वोटर डिसेनफ्रैंचाइजमेंट” बता रहा है। स्थिति शांत है, लेकिन राजनीतिक बहस जारी है।

