असम चुनाव 2026: असम विधानसभा चुनाव (9 अप्रैल) से ठीक पहले एक बड़ा सियासी तूफान उठ खड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान सरमा पर लगे विदेशी पासपोर्ट और संपत्ति के आरोपों ने पूरे देश की राजनीति को गर्मा दिया है।
क्या हैं आरोप?
5 अप्रैल (रविवार) को कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा और सांसद गौरव गोगोई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयां सरमा के पास संयुक्त अरब अमीरात (UAE), मिस्र और एंटीगुआ-बारबुडा के तीन पासपोर्ट हैं, इसके साथ ही दुबई में दो संपत्तियां और कई मुखौटा कंपनियों में पूंजी लगी होने का भी आरोप लगाया गया।
पवन खेड़ा ने दावा किया कि दुबई में दो प्रॉपर्टी हैं और हिमंत बिस्वा सरमा के चुनावी हलफनामे में इनका कोई जिक्र नहीं है। इसके अलावा अमेरिका के व्योमिंग में शेल कंपनियों के जरिए 52,000 करोड़ रुपये की संपत्ति छुपाने का आरोप भी लगाया गया। पवन खेड़ा ने यह भी सवाल उठाया कि क्या रिनिकी भुयान सरमा के पास भारतीय नागरिकता है, क्योंकि भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी और उनकी उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की।
सीएम सरमा का पलटवार
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे कांग्रेस की ‘हताशा और घबराहट’ करार दिया और आरोपों को पूरी तरह दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत और राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने ऐलान किया कि वो और उनकी पत्नी पवन खेड़ा के खिलाफ 48 घंटे के भीतर आपराधिक और दीवानी मानहानि के मुकदमे दर्ज कराएंगे।
सीएम ने दस्तावेजों में कई खामियां उजागर कीं नाम “SARMA” की जगह “SHARMA” लिखा था, बायोमेट्रिक फोटो की जगह पब्लिक फोटो थी, MRZ डेटा में विसंगतियां थीं, पासपोर्ट नंबर और एक्सपायरी डेट गलत थे, प्रॉपर्टी डीड का QR कोड भी अमान्य पाया गया और “Egyptiann” जैसी स्पेलिंग की गलतियां भी थीं।
‘पाकिस्तानी कनेक्शन’ का दावा
सीएम सरमा ने आरोप लगाया कि पवन खेड़ा की प्रेस कॉन्फ्रेंस का सारा सामग्री एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप ने मुहैया कराई थी। उन्होंने बताया कि पिछले दस दिनों में पाकिस्तानी टीवी चैनलों ने असम चुनाव पर कम से कम 11 टॉक शो किए, जिनमें हर बार कांग्रेस को जिताने की वकालत की गई। सरमा ने इसे “देश के खिलाफ अपराध” बताया।
एफआईआर और कानूनी कार्रवाई
रिनिकी भुयान सरमा ने 5-6 अप्रैल की रात पवन खेड़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। असम पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। सीएम ने कहा कि नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत चुनाव को प्रभावित करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने पर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
कांग्रेस का रुख
पवन खेड़ा आरोपों पर कायम हैं और उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में और सबूत पेश किए जाएंगे। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से जांच की मांग भी की है।
चुनाव की तारीख नजदीक
असम विधानसभा के 126 सीटों के लिए मतदान 9 अप्रैल को होना है। इस विवाद ने चुनाव से महज दो दिन पहले सियासी माहौल को पूरी तरह बदल दिया है। आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर अब अदालत तक पहुंचने की राह पर है।

