मृतक की पहचान नागेंद्र प्रताप सिंह उर्फ बॉबी, पुत्र हरि सिंह के रूप में हुई है। बॉबी CISF में तैनात अपने पिता का इकलौता बेटा था। परिवार के अनुसार, वह दो साल पहले टाटा कंपनी की नौकरी छोड़कर घर लौटा था और पिछले 6-7 महीनों से टीईटी की तैयारी कर रहा था। रिश्तेदारों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह डिप्रेशन में था।
घटना सदर कोतवाली क्षेत्र की आशीर्वाद धाम कॉलोनी में हुई। परिवार के सदस्य मथुरा किसी जरूरी काम से गए थे। लौटने पर उन्होंने बॉबी को कमरे में फांसी के फंदे पर लटका पाया। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को उतारा और हाथ पर लिखा सुसाइड नोट देखा। नोट में अंग्रेजी में लिखा था— “अब मैं थक गया हूं, मैं मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा हूं, जिन्होंने मुझे कमजोर बना दिया है। मैंने जानबूझकर अपनी जिंदगी खत्म करने का फैसला लिया है।”
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और सुसाइड नोट के आधार पर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल कोई फॉलो-अप अपडेट सामने नहीं आया है।
देश में बढ़ता छात्र आत्महत्या का संकट
यह घटना अकेली नहीं है। भारत में प्रतियोगी परीक्षाओं और शैक्षणिक दबाव के कारण छात्रों-युवाओं की आत्महत्या की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। 2024-2025 के आंकड़ों के अनुसार, छात्र आत्महत्याएं कुल सुसाइड केसों से तेजी से बढ़ रही हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में हर नौ छात्र आत्महत्याओं में से एक भारत में होती है। बिहार, राजस्थान (कोटा) और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में यह समस्या ज्यादा गंभीर है।
खास तौर पर उत्तर प्रदेश में 2025 में टीईटी को अनिवार्य बनाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कई सरकारी शिक्षकों ने भी आत्महत्या की। सितंबर 2025 में महोबा और हमीरपुर में कम से कम तीन शिक्षकों ने टीईटी पास न कर पाने के डर से फांसी लगाई। शिक्षकों का कहना था कि नौकरी जाने का डर असहनीय हो गया था।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा का दबाव, बेरोजगारी और परिवार-सामाजिक अपेक्षाएं युवाओं को तोड़ रही हैं। विशेषज्ञों ने सरकार से काउंसलिंग, हेल्पलाइन और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग की है।
यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो तुरंत मदद लें। राष्ट्रीय हेल्पलाइन: Tele-MANAS – 14416 या 1-800-121-3668।

