मामले की पृष्ठभूमि
अंकिता भंडारी वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर शव ऋषिकेश के एक नहर में फेंक दिया गया था। रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य (पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य के बेटे) और उसके दो कर्मचारियों को मई 2025 में कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। SIT जांच में VIP संलिप्तता नहीं मिली थी और सुप्रीम कोर्ट तक ने CBI जांच की मांग खारिज कर दी थी।
नए आरोप और विवाद
दिसंबर 2025 में उर्मिला सनावड़ ने सोशल मीडिया पर ऑडियो और वीडियो जारी कर दावा किया कि अंकिता से यौन सेवाएं मांगने वाला VIP भाजपा का वरिष्ठ नेता है। बाद में उनके पति सुरेश राठौर ने क्लिप को AI-जनरेटेड बताया और पत्नी पर पार्टी को बदनाम करने का आरोप लगाया। दुष्यंत गौतम ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुलिस ने कुछ टीवी एक्ट्रेस और संबंधित लोगों को समन जारी किया है, साथ ही भ्रामक क्लिप फैलाने पर FIR भी दर्ज की गई है।
सरकार का पक्ष
वन मंत्री और भाजपा नेता सुबोध उनियाल ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, “राज्य सरकार अंकिता की मौत से आहत है। SIT ने मजबूत जांच की, आरोपी गिरफ्तार हुए और उम्रकैद हुई। ट्रायल कोर्ट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने SIT जांच को सही ठहराया। अगर कोई ठोस सबूत है तो सामने लाएं, सुरक्षा दी जाएगी और जांच कराई जाएगी। बिना सबूत के आरोप लगाना दोषियों को फायदा पहुंचा सकता है।”
विपक्ष और आंदोलन की मांग
कांग्रेस ने भाजपा पर हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा, “अपने ही नेता की पत्नी के आरोपों की जांच सरकार की जिम्मेदारी है। जनता से सबूत मांगना हास्यास्पद है।” पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और कुछ भाजपा नेताओं ने भी जांच की मांग की है। पार्टी के एक युवा नेता ने इस्तीफा दे दिया। समाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने नए खुलासे किए हैं।
राज्य भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। 4 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास के सामने बड़ा प्रदर्शन प्रस्तावित है। नागरिक समाज और विपक्षी दल कैंडल मार्च निकाल रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में आरोप लगाने वालों की सुरक्षा को खतरा बताया जा रहा है।
आगे की स्थिति
यह मामला 2027 के विधानसभा चुनाव पर असर डाल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि VIP एंगल और जांच में कथित खामियों के आरोपों से भाजपा पर दबाव बढ़ रहा है। पुलिस आरोपों की जांच कर रही है, लेकिन अब तक कोई नया ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं हुआ है।

