ईंधन संकट के बीच मोदी सरकार का बड़ा फैसला: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपये की कटौती

Petrol-Diesel Prices:

Excise duty on petrol and diesel: मध्य पूर्व में जारी युद्ध और कच्चे तेल की आपूर्ति में बाधा के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को ईंधन की कीमतों को काबू में रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है।

क्या है नया फैसला?

शुक्रवार को सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की, जिससे यह लेवी पेट्रोल पर घटकर 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर शून्य हो गई। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

क्यों लेना पड़ा यह फैसला?

अमेरिका और इजरायल द्वारा संयुक्त रूप से ईरान पर किए जा रहे हमलों और पश्चिम एशिया में उपजे तनाव से कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमतों में भी काफी उछाल आया है। तेल कंपनियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा था और वे पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने के बारे में सोच रही थीं, लेकिन केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी घटाकर दाम स्थिर रखने की कोशिश की है।

क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?

सरकारी सूत्रों का कहना है कि इस कटौती का सीधा फायदा उपभोक्ताओं को नहीं मिलेगा और पेट्रोल-डीजल के दाम में अभी कोई बदलाव नहीं होगा। दरअसल, इस फैसले का असल मकसद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच देश में ईंधन के दामों को नियंत्रित रखना है, ताकि उपभोक्ताओं को भविष्य में बढ़ोतरी का सामना न करना पड़े।

तेल कंपनियों और बाजार पर असर

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों IOC, BPCL और HPCL के शेयरों में आज सुबह तेजी देखी गई। परिवहन, लॉजिस्टिक्स और कृषि क्षेत्र को इस फैसले से फायदा होने की उम्मीद है।

सरकार का आश्वासन

केंद्र सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। सरकार ने बताया कि देश के पास 60 दिनों का ईंधन भंडार उपलब्ध है और लोगों से ईंधन की कमी से जुड़ी अटकलों पर ध्यान न देने की अपील की गई। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे किसी एक मार्ग या क्षेत्र पर निर्भरता कम हो जाती है।

 

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