No roads for Muslims: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक बेहद विवादित और सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाली घटना सामने आ चुकी है। दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर हिन्दू रक्षा दल के नफरती चिंटुओं ने लिखा मुसलमानों के लिए रोड नहीं है, जैसे अत्यंत आपत्तिजनक और भड़काऊ शब्द लिख दिए। इस घटना को हिन्दू रक्षा दल के अज्ञात लोगों द्वारा अंजाम दिया गया। हालांकि कि एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है जिसमें लिखने वाली महिलाए नजर आ रही है। बावजूद इसके अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया गया है। उसके अलावा पिंकी चैधरी भी बता रहा है कि ऐसा लिखा है। ऐसे में सवाल है कि सभी सबूत होने के बाद भी पुलिस ने अज्ञात लोग क्यो दिखाए, यदि पुलिस चाहती तो सभी लोगों के कुछ घंटों में नाम पता कर नामजद रिपोर्ट की जा सकती थी। पुलिस ने मामला सामने आते ही विवादित शब्दों पर ब्लैक स्प्रे से पेंट कर उन्हें मिटवाया है। इससे पहले भी पुलिस का कई बार दोहरा चरित्र समाने आ चुका है।
हाईवे पर लिखे भड़काऊ शब्दों ने मचाई सनसनी
यूपी–दिल्ली–देहरादून नेशनल हाईवे एक अत्यंत व्यस्त और महत्वपूर्ण मार्ग है जिस पर प्रतिदिन हजारों लोग आवाजाही करते हैं। इस हाईवे पर सार्वजनिक रूप से लिखे गए इन भड़काऊ शब्दों ने इलाके में सनसनी फैला दी। जैसे ही यह मामला सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर फैला, लोगों में आक्रोश और चिंता का माहौल बन गया। प्रशासन और पुलिस को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा।
पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई, शब्द मिटवाए
सूचना मिलते ही सहारनपुर पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर पहले विवादित एवं आपत्तिजनक शब्दों पर ब्लैक स्प्रे कर उन्हें मिटवाया ताकि आम लोगों में और अधिक तनाव न फैले। इसके साथ ही पुलिस ने इस मामले में हिन्दू रक्षा दल के अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश — प्रशासन सतर्क
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की भड़काऊ हरकतें सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने और समाज में नफरत फैलाने की नीयत से की जाती हैं और इन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी है और हाईवे के आसपास निगरानी कड़ी कर दी गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
होली से पहले की घटना ने बढ़ाई चिंता
गौरतलब है कि यह घटना होली के त्योहार से ठीक पहले हुई है, जो इसे और अधिक संवेदनशील बना देती है। त्योहारों के मौसम में इस प्रकार की सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने वाली हरकतें पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाती हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
सोशल मीडिया पर भी उठी आवाजें
इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होते ही विभिन्न वर्गों के लोगों ने इसकी कड़े शब्दों में निंदा की। लोगों ने एकजुट होकर कहा कि इस प्रकार की नफरत फैलाने वाली हरकतें भारत की साझा संस्कृति और संविधान की भावना के खिलाफ हैं। पुलिस ने भी सोशल मीडिया पर इस मामले से जुड़ी किसी भी भड़काऊ सामग्री को शेयर न करने की अपील की है और कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है तथा जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

