गैर-राजनीतिक लेकिन चुनावी तैयारी
सपा का दावा है कि विजन इंडिया समिट्स ‘गैर-राजनीतिक’ हैं, लेकिन इनका मकसद पार्टी की छवि बदलना और नए वोटरों तक पहुंचना है। घोसी से सपा सांसद और विजन इंडिया के मुख्य कोऑर्डिनेटर राजीव राय ने कहा, “ये समिट्स सकारात्मक, व्यावहारिक और प्रगतिशील भविष्य की राह Quiz दिखाते हैं। अखिलेश जी विशेषज्ञों और युवाओं से विचार लेते हैं, जो आगे पार्टी के मेनिफेस्टो में शामिल होंगे।”
पिछले कुछ महीनों में हुए प्रमुख समिट्स:
• नवंबर 2025: बेंगलुरु में स्टार्टअप समिट
• दिसंबर 2025: हैदराबाद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समिट
• 17 जनवरी 2026: भुवनेश्वर में होलिस्टिक हेल्थ समिट
सूत्रों के मुताबिक जल्द ही लद्दाख, जयपुर, मुंबई और उत्तर प्रदेश के बड़े शहरों में भी ऐसे आयोजन होंगे। सपा नेता कहते हैं कि विरोधी पार्टियों ने सपा को सिर्फ ग्रामीण यूपी और MY (मुस्लिम-यादव) वोटबैंक वाली पार्टी बता कर गलत धारणा बनाई है, जिसे ये समिट्स तोड़ने का काम कर रहे हैं।
संत-महंतों को जोड़ने की रणनीति
छवि बदलने के दूसरे कदम के तहत अखिलेश ने उत्तराखंड इकाई में महंत शुभम गिरी को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। हरिद्वार के आश्रम में रहने वाले महंत गिरी 2027 के विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने इसे “सभी संत-महंतों का सम्मान” बताया।
इसी दिन अखिलेश ने यूपी की भाजपा सरकार पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को प्रयागराज में पवित्र स्नान से रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “हम शंकराचार्य जी और संतों की कृपा से जनता की सेवा करेंगे।”
इससे पहले जनवरी 2024 में अखिलेश की पत्नी और सांसद डिंपल यादव ने इटावा में केदारेश्वर महादेव मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की थी। 11 एकड़ में फैला यह मंदिर यादव बेल्ट के केंद्र में है और इस साल पूरा होने की उम्मीद है।
पुरानी कोशिशों की याद
यह सपा की छवि बदलने की पहली कोशिश नहीं है। 2012 विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश ने पार्टी के अंग्रेजी-कंप्यूटर विरोधी स्टैंड से दूरी बनाई थी। सोशल मीडिया और युवा विंग को हाइलाइट करने वाले विज्ञापनों से उन्होंने युवा वोटरों को टारगेट किया, जिसके बाद सपा को पूर्ण बहुमत मिला।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 यूपी चुनाव को ध्यान में रखकर अखिलेश राष्ट्रीय स्तर पर सपा को प्रगतिशील और विकासोन्मुखी पार्टी के रूप में पेश कर रहे हैं। विजन इंडिया अभियान इसी रीब्रांडिंग का हिस्सा है।

