Air India Ahmedabad crash: सात महीने बाद पीड़ित परिवारों को लौटाया जा रहा सामान, कुछ को अभी भी मुआवज़े का इंतजार

Air India Ahmedabad crash: 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही एयर इंडिया की बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के दुर्घटनाग्रस्त होने से 242 यात्रियों में से 241 की मौत के सात महीने बाद, एयरलाइंस पीड़ित परिवारों को क्रैश साइट से बरामद व्यक्तिगत सामान लौटा रही है। एयर इंडिया ने अहमदाबाद में एक होटल में फैमिली रिटर्न्स सेंटर (FRC) स्थापित किया है, जहां परिवार अपने प्रियजनों की जली-सिंगधी वस्तुएं लेने आ रहे हैं। कई परिवारों के लिए ये सामान आखिरी यादें हैं, जो दर्दनाक स्मृतियों को फिर से ताजा कर रही हैं।

क्रैश साइट मेघानीनगर से एयर इंडिया ने 22,000 व्यक्तिगत वस्तुएं बरामद कीं, जिनमें से 8,000 की पहचान कर यात्रियों से जोड़ा गया। इनकी तस्वीरें ईमेल कर परिवारों को भेजी गईं। शेष 14,000 ‘अनआइडेंटिफाइड’ वस्तुओं की तस्वीरें 492 पेज के ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की गई हैं, जहां परिवार खुद खोज सकते हैं। इनमें बच्चे का स्वेटर, ‘डैड टू बी’ बैज, राखियां, प्रेयर बुक, हनुमान चालीसा की कॉपी, घुंघरू, चश्मा, हेयर क्लिप, कीचेन और धार्मिक मूर्तियां शामिल हैं।

परिवारों की दर्दभरी कहानियां
• सावधानभाई चौधरी (बनासकांठा): उनके बेटे कमलेश (26) और बहू धापुबेन (26) की शादी नवंबर 2024 में हुई थी। कमलेश लंदन में काम करता था और बहू को ले जा रहा था। बरामद सामान में जला हुआ वेडिंग एल्बम, कैलेंडर (जिस पर लिखा “दो दिल एक विचार”), पैन कार्ड, आधार, वोटर आईडी और शादी का सर्टिफिकेट शामिल हैं। सावधानभाई ने कहा, “ये वो आखिरी चीजें हैं जिन्हें कमलेश ने छुआ था। इन्हें हमेशा संभालकर रखूंगा।” कमलेश के लंदन स्थित पाकिस्तानी सहकर्मी उमर अली अब रोजाना 3 बजे फोन कर हालचाल पूछते हैं, जो परिवार के लिए नई उम्मीद बन गए हैं।
• अनिलभाई (अहमदाबाद): उनके इकलौते बेटे हर्षित और बहू पूजा की मौत हुई। बरामद दो ट्रॉली बैग, हैंडबैग और बैकपैक में पासपोर्ट, यूके ड्राइविंग लाइसेंस, रेजिडेंस परमिट, डोनेशन रसीद, बैंक स्टेटमेंट और कॉस्मेटिक्स पूरी तरह सुरक्षित थे। अनिलभाई ने कहा, “हर्षित मेरा इकलौता बेटा था। उनके इतने सपने थे।”

कुछ परिवार, जैसे कपड़वंज के कृतिक पटेल (दुर्घटना में क्रिकेटर भाई दीर्थ की मौत) और उद्यमी तृप्ति सोनी (भाई स्वप्निल, भाभी योगा और साली अल्पा की मौत), सामान देखकर फिर से दर्द सहने में असमर्थ हैं और FRC जाने से बच रहे हैं।

एयर इंडिया की प्रक्रिया
जनवरी तक 150 ईमेल भेजे गए, जिनमें से 90 का जवाब आया। करीब 25 परिवार FRC आए, 40 ने कूरियर की मांग की। प्लेन टेकऑफ के कुछ मिनट बाद बीजे मेडिकल कॉलेज की मेस बिल्डिंग से टकराया था। जांच अभी जारी है, लेकिन परिवारों के लिए सामान लौटाना क्लोजर की दिशा में कदम माना जा रहा है।

यह हादसा भारतीय विमानन इतिहास के सबसे भयावह दुर्घटनाओं में से एक है। कई परिवार अब भी मुआवजे और जांच के अंतिम नतीजे का इंतजार कर रहे हैं।

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