पंजाब से AAP विधायक गिरफ्तार: पंजाब विधानसभा के सनौर सीट से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा (जिन्हें हरमीत सिंह ढिल्लों पठानमाजरा भी कहा जाता है) को मध्य प्रदेश के शिवपुरी (ग्वालियर क्षेत्र) से गिरफ्तार कर लिया गया है। पटियाला पुलिस की विशेष टीम ने दो दिन के लगातार ऑपरेशन के बाद मंगलवार देर रात उन्हें और उनके तीन साथियों को काबू किया। पटियाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) वरुण शर्मा ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। विधायक को कड़ी सुरक्षा में पटियाला लाया जा रहा है, जहां उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की पूछताछ होगी।
केस की पृष्ठभूमि
1 सितंबर 2025 को पटियाला के सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में एक Zirakpur-based महिला ने शिकायत दर्ज कराई।
महिला का आरोप: पठानमाजरा ने खुद को तलाकशुदा बताकर उसके साथ संबंध बनाए, 2021 में शादी का झांसा दिया (जबकि वे पहले से शादीशुदा थे), फिर यौन शोषण जारी रखा, अश्लील सामग्री भेजी और जान से मारने की धमकी दी।
FIR में धाराएं: IPC 376 (बलात्कार), 420 (धोखाधड़ी) और 506 (आपराधिक धमकी) लगाई गईं।
केस दर्ज होने के कुछ दिन बाद ही पठानमाजरा ने अपनी ही AAP सरकार की बाढ़ प्रबंधन और सिंचाई विभाग की आलोचना की थी, जिसके बाद यह मामला सामने आया। सितंबर 2025 में हरियाणा के करनाल से गिरफ्तार करने की कोशिश के दौरान वे पुलिस कस्टडी से फरार हो गए थे (समर्थकों ने कथित तौर पर पुलिस पर पथराव और फायरिंग की)। इसके बाद वे लंबे समय तक फरार रहे, ऑस्ट्रेलिया भाग गए होने की भी खबरें आईं। दिसंबर 2025 में पटियाला कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा (Proclaimed Offender) घोषित कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में भी उनकी याचिकाएं खारिज हो चुकी थीं।
गिरफ्तारी कैसे हुई?
पटियाला पुलिस की टीम ने लंबे समय से उनकी तलाश की। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के सिलसिले में भारत लौटने के कुछ दिन बाद ही उन्हें ग्वालियर-शिवपुरी बायपास क्षेत्र से पकड़ा गया। पुलिस ने इसे “महत्वपूर्ण सफलता” बताया है।
AAP का रुख
आम आदमी पार्टी ने अभी तक इस गिरफ्तारी पर आधिकारिक बयान नहीं जारी किया है। पठानमाजरा 2022 के चुनाव में सनौर से पहली बार विधायक बने थे और हाल के महीनों में पार्टी लाइन से थोड़े अलग रुख अपनाते दिखे थे।
आगे क्या?
विधायक को पटियाला कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस उनसे पूछताछ करेगी और मामले की जांच आगे बढ़ाएगी। यह घटना पंजाब की सियासत में हलचल मचा रही है, क्योंकि AAP सरकार में यह दूसरा बड़ा मामला है (इससे पहले एक पूर्व मंत्री पर भी आरोप लग चुके हैं)।
निष्कर्ष: सात महीने की फरारी के बाद पठानमाजरा की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है। कानूनी प्रक्रिया अब अपनी रफ्तार से चलेगी। मामले में महिला की शिकायत और विधायक का बचाव दोनों पक्षों की दलीलों को अदालत तय करेगी। जैसे ही कोर्ट में नई सुनवाई या नया अपडेट आएगा, स्थिति और स्पष्ट होगी। यह खबर उपभोक्ता और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

