AAP deals a major blow to Raghav Chadha: राज्यसभा उपनेता पद से हटाया, चड्ढा बोले- ‘खामोश करवाया गया, हारा नहीं हूँ’

AAP deals a major blow to Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी (AAP) ने 2 अप्रैल 2026 को राज्यसभा में अपने डिप्टी लीडर राघव चड्ढा को पद से हटा दिया। उनकी जगह पंजाब के सांसद अशोक मित्तल (लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर) को नियुक्त कर दिया गया। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर यह भी कहा कि चड्ढा को AAP के कोटे से सदन में बोलने का समय न दिया जाए।

यह फैसला AAP के अंदरूनी तनाव को साफ तौर पर उजागर करता है। राघव चड्ढा कई महीनों से अरविंद केजरीवाल और पार्टी की टॉप लीडरशिप से दूरी बनाए हुए थे। वे केजरीवाल की गिरफ्तारी, मनीष सिसोदिया को क्लीन चिट और अन्य बड़े मुद्दों पर चुप रहे। लंदन में आंखों के इलाज के बहाने भी उनकी अनुपस्थिति पर सवाल उठे थे।

राघव चड्ढा का पहला बयान

3 अप्रैल को चड्ढा ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर वीडियो जारी कर चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा:
“खामोश करवाया गया हूँ, लेकिन हारा नहीं हूँ।”
उन्होंने आगे पूछा, “क्या जनता के मुद्दे उठाना कोई गुनाह है? क्या मैंने कुछ गलत किया है?”
चड्ढा ने गिग वर्कर्स, मोबाइल डेटा एक्सपायरी, एयरपोर्ट पर महंगे खाने, मिडिल क्लास पर टैक्स बोझ जैसे मुद्दों का जिक्र किया, जिन्हें वे सदन में उठाते रहे। अंत में चेतावनी देते हुए कहा: “मेरी खामोशी को हार मत समझ लेना। मैं वो दरिया हूँ जो वक्त आने पर सैलाब बन जाता है।” उन्होंने आम आदमी से अपील की कि वे उनके साथ खड़े रहें।

देश भर से प्रतिक्रियाएं

विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया: BJP और कांग्रेस ने इसे AAP में गहरे दरार का सबूत बताया। कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वरिंग ने कहा, “अब साफ है कि चड्ढा AAP से अलग हो चुके हैं।” BJP सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने पूछा कि किसी सांसद को बोलने से कैसे रोका जा सकता है। दिल्ली BJP नेता कपिल मिश्रा ने इसे “चोरों की गैंग में माल बंटवारे की लड़ाई” करार दिया।

AAP की पलटवार: पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज और राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनुराग ढांडा ने चड्ढा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “राघव मोदी के खिलाफ बोलने से डर गए हैं।” अशोक मित्तल ने इसे “पार्टी का लोकतांत्रिक फैसला” बताया और किसी कलह से इनकार किया।

सोशल मीडिया और जनता: एक्स पर #RaghavChadha ट्रेंड कर रहा है। कुछ यूजर्स चड्ढा का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ कह रहे हैं कि वे BJP जॉइन करने की तैयारी में हैं। कई लोग AAP की “अंदरूनी लोकतंत्र की कमी” पर सवाल उठा रहे हैं।

AAP में क्या चल रहा है?

यह घटना स्वाती मालीवाल विवाद के बाद AAP में दूसरा बड़ा आंतरिक झटका है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक यह “संगठनात्मक पुनर्गठन” है, लेकिन विपक्ष इसे केजरीवाल की एकल नेतृत्व शैली से जोड़ रहा है। चड्ढा अभी AAP में हैं, लेकिन भविष्य में पार्टी छोड़ने या किसी बड़े रोल की अटकलें तेज हो गई हैं। कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है कि वे पार्टी छोड़ेंगे। यह विवाद AAP को आने वाले चुनावों से पहले नई चुनौती दे रहा है। पार्टी ने अभी तक चड्ढा के बयान पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन अंदरूनी हलचल साफ नजर आ रही है।

नोट: स्थिति तेजी से बदल रही है, आगे और अपडेट आ सकते हैं।

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