क्या हुआ था घटना के दिन? आशीष 3 मार्च को शाम करीब 7 बजे इंदिरापुरम की उस युवती से मिलने गया था। दोनों कुछ दोस्तों के साथ इंदिरापुरम मॉल घूमने गए। देर रात करीब 1 बजे आशीष घर लौटा और उसके कुछ देर बाद फांसी लगा ली। परिवार के पास आशीष की आखिरी फोटो उसी शाम की है, जब वह युवती के साथ था। घटना वाली रात करीब पौने दो बजे युवती ने निशा को इंस्टाग्राम पर कॉल भी किया था।
बहन निशा कुमारी ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया, “इंदिरापुरम के न्याय खंड-2 में रहने वाली एक युवती मेरे भाई आशीष को ब्लैकमेल करती थी। वह कहती थी कि पैसे दो नहीं तो तुमको झूठे रेप केस में फंसा दूंगी। मेरा भाई बहुत परेशान रहता था। इसी मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर उसने यह कदम उठा लिया।”
पुलिस की कार्रवाई खोड़ा पुलिस ने बहन की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया, “शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।” अभी तक युवती का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। पुलिस युवती से पूछताछ करने और मोबाइल कॉल डिटेल्स, चैट्स की जांच करने वाली है। परिवार का कहना है कि आशीष पिछले कई महीनों से उदास और परेशान रहता था। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन बहन के आरोपों के आधार पर पूरी जांच चल रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया खोड़ा कॉलोनी में इस घटना से लोगों में आक्रोश है। पड़ोसी कह रहे हैं कि युवकों को ऐसी रिश्तों में फंसने से पहले परिवार को बताना चाहिए। सोशल मीडिया पर भी कई लोग ब्लैकमेलिंग के बढ़ते मामलों पर सवाल उठा रहे हैं। पुलिस ने अपील की है कि अगर कोई इस मामले में जानकारी रखता है तो तुरंत खोड़ा थाने से संपर्क करे। यह मामला युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग की समस्या को एक बार फिर उजागर कर रहा है। अभी तक कोई नया अपडेट नहीं है। जांच जारी है। परिवार को न्याय मिले, यही सबकी मांग है। अधिक जानकारी आने पर अपडेट किया जाएगा।

