अयोध्या दीपोत्सव, 30 लाख दीयों से जगमगाए सरयू के 56 घाट, शोभायात्रा में रामायण के सातों कांड जीवंत

अयोध्या, रामनगरी अयोध्या में शनिवार को 10वें दीपोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। छोटी दिवाली के अवसर पर सरयू नदी के किनारे स्थित राम की पैड़ी समेत 56 घाटों पर करीब 30 लाख मिट्टी के दीये जलाए गए। पूरे घाट दीपों की रोशनी से जगमगा उठे। इससे पहले निकाली गई भव्य शोभायात्रा में रामायण के सातों कांडों को जीवंत रूप से दिखाया गया। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति डॉ. सीपी राधाकृष्णन, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई मंत्री और संत-महात्मा मौजूद रहे।

सुबह साकेत महाविद्यालय से शुरू हुई शोभायात्रा रामपथ होते हुए रामकथा पार्क पहुंची। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। करीब तीन घंटे चली इस यात्रा में 21 भव्य झांकियां शामिल थीं। इनमें सात झांकियां रामायण के बालकांड, अयोध्याकांड, अरण्यकांड, किष्किंधाकांड, सुंदरकांड, लंकाकांड और उत्तरकांड पर आधारित थीं। बाकी झांकियों में योगी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को दर्शाया गया। ढोल-नगाड़ों, लोकनृत्यों और ‘जय श्रीराम’ के जयकारों के बीच त्रेतायुग का माहौल सड़कों पर उतर आया।

दोपहर में रामकथा पार्क में मुख्य कार्यक्रम हुआ। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और सीएम योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक किया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं। सीएम योगी ने रामलला और जानकी माता की पूजा-अर्चना की तथा आरती उतारी। अपने संबोधन में उन्होंने अयोध्या के गौरव की वापसी का उल्लेख करते हुए कहा कि दीपोत्सव आस्था, आत्मगौरव और सनातन चेतना के पुनर्जागरण का पर्व है। उन्होंने लोगों से अपने घर-आंगन में भी दीप जलाने की अपील की।

शाम को नया घाट पर सरयू महाआरती हुई। इसमें 2,147 अर्चक और स्वयंसेवक शामिल हुए। इसके तुरंत बाद राम की पैड़ी पर ऐतिहासिक दीप प्रज्ज्वलन का कार्यक्रम शुरू हुआ। हजारों स्वयंसेवकों (लगभग 35,000 छात्र-छात्राओं सहित) ने तीन दिनों की मेहनत से दीये सजाए थे। 30 लाख से अधिक दीये एक साथ जलते ही सरयू का किनारा सोने की तरह चमक उठा। प्रशासन का लक्ष्य पिछले वर्ष के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड (लगभग 26.17 लाख दीये) को पार करना था।

दीप प्रज्ज्वलन के बाद 3डी प्रोजेक्शन मैपिंग, रामायण आधारित लेजर शो और 2,100 स्वदेशी ड्रोन का अद्भुत प्रदर्शन हुआ। आसमान में ड्रोन ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों—राम का अयोध्या आगमन, रावण वध, राम दरबार आदि—को जीवंत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देश-विदेश की रामलीला टीमों ने भी भाग लिया।

देशभर से लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। राम जन्मभूमि मंदिर परिसर को भी फूलों, रंगीन लाइटों और दीपों से सजाया गया। अयोध्या दीपोत्सव अब सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम बन चुका है।
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