ग्रेटर नोएडा-नोएडा में धड़ल्ले से अवैध निर्माण: क्या प्राधिकरण के GM का आर्शीवाद, होशियारपुर में भी बिना रोक-टोक काम जारी

ग्रेटर नोएडा/नोएडा: ग्रेटर नोएडा और नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में अवैध निर्माण का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। सरकारी जमीन पर बिना किसी अनुमति और बिना किसी डर के निर्माण कार्य जारी है। चेतना मंच की रिपोर्ट और स्थानीय जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में प्रोजेक्ट विभाग के महाप्रबंधक (GM) ए.के. सिंह के आर्शीवाद से यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है।

शाहबेरी गांव (ग्रेटर नोएडा वेस्ट) में सरकारी जमीन पर रात-दिन अवैध निर्माण हो रहा है। यहां जमीन की कीमतें आसमान छू रही हैं। चेतना मंच द्वारा शेयर किए गए वीडियो में निर्माण गतिविधियां साफ दिख रही हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि बिल्डर माफिया फिर सक्रिय हो गया है और प्राधिकरण की निगरानी में गंभीर खामियां हैं। उल्लेखनीय है कि 2018 में शाहबेरी में ही अवैध बहुमंजिला इमारत गिरने से 9 लोगों की मौत हो गई थी। उसके बाद प्राधिकरण ने सीलिंग और ध्वस्तीकरण के बड़े दावे किए थे, लेकिन आज फिर वही हाल है।

नोएडा के होशियारपुर इलाके में भी स्थिति अलग नहीं है। गली नंबर 2/3 के ठीक सामने मुख्य सड़क पर, जो पहले से ही हमेशा जाम रहती है, बिना किसी रुकावट और डर के निर्माण कार्य जारी है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कई अन्य सेक्टरों में भी अवैध निर्माण बेरोकटोक चल रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्राधिकरण की टीमें या तो नजरअंदाज कर रही हैं या मिलीभगत है।

सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाया है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति ग्रेटर नोएडा में क्यों फेल दिख रही है। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा और निर्माण योगी सरकार की घोषित नीति के खिलाफ है, फिर भी GM ए.के. सिंह (जो ठेके/पुनर्नियुक्ति पर तैनात बताए जा रहे हैं) के खिलाफ पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। ऐसे में जांच की मांग जोर पकड़ रही है।

इसी बीच दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी ने भी ध्यान खींचा है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि दिल्ली और नोएडा-ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाली सड़कों पर बंपर-टू-बंपर ट्रैफिक प्रदूषण का प्रमुख कारण है। “रोड्स को देखो… यही मेजर कॉज है,” सीजेआई ने टिप्पणी की। होशियारपुर जैसी जगहों पर पहले से जाम वाली सड़कों पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण ट्रैफिक व प्रदूषण दोनों बढ़ा रहे हैं।

प्राधिकरण समय-समय पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाता है, लेकिन कई इलाकों में अवैध निर्माण फिर शुरू हो जाता है। विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों की मांग है कि शाहबेरी, होशियारपुर और अन्य सेक्टरों में तुरंत सख्त निगरानी, जिम्मेदार अधिकारियों की जांच और दोषियों पर कार्रवाई हो। सरकारी जमीन बचाने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

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