मुंबई। सुपरस्टार रजनीकांत की एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘जेलर 2’ ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर ‘बॉर्डर 2’ और ‘हनुमान अंश’ के कथित लाइफटाइम घरेलू कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है। दूसरे शुक्रवार को कमाई में गिरावट के बावजूद फिल्म ने यह उपलब्धि हासिल की।
नौवें दिन की कमाई
फिल्मों के कलेक्शन का हिसाब रखने वाली वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, ‘जेलर 2’ ने रिलीज के नौवें दिन भारत में 14.50 करोड़ रुपये नेट कमाए। इसके साथ फिल्म का नौ दिनों का घरेलू कलेक्शन 348.85 करोड़ रुपये नेट हो गया है, यानी यह 350 करोड़ के आंकड़े से बस थोड़ा पीछे है। फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 628.05 करोड़ रुपये बताया गया है।
त्योहारी सप्ताह की छुट्टियां खत्म होने के बाद सिनेमाघरों में कारोबार धीमा पड़ा, जिसका असर दूसरे शुक्रवार की कमाई पर दिखा।
ओपनिंग और पहले हफ्ते का सफर
‘जेलर 2’ ने पहले दिन 15,887 शोज के साथ भारत में 59.70 करोड़ रुपये नेट की ओपनिंग ली थी। फिल्म की एडवांस बुकिंग रिलीज से पांच दिन पहले 10 अक्टूबर को शुरू हुई थी और 14 अक्टूबर के अंत तक वर्ल्डवाइड 80 करोड़ रुपये से ज्यादा का आंकड़ा पार कर चुकी थी।पहले हफ्ते में फिल्म ने भारत में 300 करोड़ रुपये नेट का आंकड़ा पार किया। पहले सप्ताह के अंत तक इसका घरेलू नेट कलेक्शन 334.35 करोड़ रुपये रहा।
‘बॉर्डर 2’ और ‘हनुमान अंश’ से आगे
ताजा आंकड़ों के साथ ‘जेलर 2’ दो बड़ी फिल्मों से आगे निकल गई है। ‘बॉर्डर 2’ ने कथित तौर पर 329 करोड़ रुपये और ‘हनुमान अंश’ ने 339 करोड़ रुपये कमाए थे। रजनीकांत की फिल्म इन दोनों के कुल आंकड़ों को पार कर चुकी है।
दूसरे वीकेंड से उम्मीद
दूसरा वीकेंड शुरू होने के साथ फिल्म की कमाई में उछाल की उम्मीद है। अगर कारोबार बढ़ता है तो घरेलू कलेक्शन 380 करोड़ रुपये के करीब पहुंच सकता है।
फिल्म के बारे में
नेल्सन दिलीपकुमार के लेखन और निर्देशन में बनी ‘जेलर 2’ का निर्माण सन पिक्चर्स के बैनर तले कलानिधि मारन ने किया है। यह 2023 की फिल्म ‘जेलर’ का सीक्वल है। रजनीकांत के साथ रम्या कृष्णन, योगी बाबू, मिरनाला और ऋत्विक अपने पुराने किरदारों में लौटे हैं। फिल्म में एस जे सूर्या, मिथुन चक्रवर्ती, सूरज वेंजारामूडु और विद्या बालन भी हैं। मोहनलाल, शिव राजकुमार और जैकी श्रॉफ कैमियो भूमिकाओं में नजर आते हैं। कहानी पहली फिल्म की घटनाओं के बाद शुरू होती है। रजनीकांत के किरदार मुथु ने वर्मन (विनायकन) को मार दिया था, जिसके बाद उसे चेतावनी मिली कि मूर्ति तस्करों का एक नेटवर्क उसके पीछे आएगा। सूरज वेंजारामूडु का किरदार दिलीप उस शख्स की पहचान करना चाहता है जो गिरोह के तस्करी के धंधे को खतरे में डाल रहा है। इधर मुथु का परिवार इस बात से अनजान है कि उसने उन्हें बचाने के लिए अपने ही बेटे अर्जुन (वसंत रवि) को मारा था। मुथु एक सुपरमार्केट सुपरवाइजर के रूप में परिवार को सामान्य जीवन देने की कोशिश करता है, लेकिन उसका अतीत फिर सामने आ जाता है। नए खतरे उभरने पर वह पुराने और नए साथियों की मदद से मुकाबला करता है।
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