फ्लैनगन की ‘कैरी’: सोशल मीडिया के दौर में 50 साल पुरानी कहानी का नया रूप

‘द हॉन्टिंग ऑफ हिल हाउस’ (2018) के निर्देशक माइक फ्लैनगन ने स्टीफन किंग के 1974 के पहले उपन्यास ‘कैरी’ को प्राइम वीडियो पर आठ एपिसोड की सीरीज के रूप में पेश किया है। यह सीरीज ब्रायन डी पाल्मा की 1976 की फिल्म के 50 साल बाद आई है, जिसके लिए सिसी स्पेसेक को ऑस्कर नामांकन मिला था। कहानी वही है, लेकिन इस बार वह सोशल मीडिया और स्मार्टफोन के दौर में सुनाई गई है, जहां क्रूरता को रिकॉर्ड, कैप्शन और पोस्ट करने में देर नहीं लगती।

प्रॉम नाइट: ताज एक जाल था

कहानी का सबसे चर्चित हिस्सा प्रॉम नाइट है। कैरी व्हाइट (समर होवेल) को प्रॉम क्वीन चुना जाता है, लेकिन यह दया से नहीं, साजिश से हुआ। क्रिस हारजेंसन ने हैकिंग टूल से बार-बार वोट डालकर नतीजा बदल दिया। उसके पास सूअर के खून से भरी बाल्टी थी। कैरी को डांस पर ले जाने वाला टॉमी रॉस स्कूल का सबसे लोकप्रिय लड़का था और उन चुनिंदा लोगों में था जो कैरी से बिना शर्त अच्छा बर्ताव करते थे। उसे प्रॉम किंग चुना गया और दोनों साथ मंच पर पहुंचे। कैरी मुस्कुरा रही थी और बेहद खुश थी। उसे लगा कि उसे आखिरकार वह प्यार और सम्मान मिल गया है जिसकी वह हकदार थी। ऊपर फ्लाई लॉफ्ट में हारजेंसन और उसका बॉयफ्रेंड बिली नोलन खड़े थे। हारजेंसन को इवेन हाई स्कूल से ‘कैरी रेड’ नाम का अनाम इंस्टाग्राम अकाउंट चलाने के आरोप में निकाला गया था। इस अकाउंट पर उसने कैरी का आपत्तिजनक वीडियो और दूसरे छात्रों पर विवादित पोस्ट डाले थे। ड्रग डीलर नोलन के साथ मिलकर उसने सूअर को मारकर खून इकट्ठा किया था। जैसे ही कैरी रोशनी में खड़ी हुई, बाल्टी उलट दी गई। टॉमी सुबह का सूरज नहीं देख पाया।

सालों की घुटन और पहली बार जागी ताकत

इवेन हाई स्कूल में आने से पहले कैरी की दुनिया एक घर और एक आवाज तक सीमित थी। उसकी धार्मिक कट्टर मां मार्गरेट व्हाइट उसे घर पर ही पढ़ाती थीं। पिता की निर्माण स्थल पर हादसे में मौत के बाद सरकार ने स्कूली शिक्षा अनिवार्य कर दी, वरना मार्गरेट को बेटी की कस्टडी खोनी पड़ती। फिर पहला पीरियड आया। कैरी को कुछ समझ नहीं आया और उसे लगा कि वह खून बहने से मर रही है। लॉकर रूम में हारजेंसन ने उसे चलते शावर के नीचे धकेल दिया और पूरी क्लास ने उस पर टैम्पोन फेंकते हुए ‘प्लग इट अप’ के नारे लगाए। सहानुभूति रखने वाली सू स्नेल भी मजाक में शामिल हो गई। कैरी चीखी तो बत्तियां टिमटिमाने लगीं। उसमें टेलीकाइनेसिस यानी सोचने भर से चीजें हिलाने की शक्ति थी, जिसका उसे पता नहीं था। धीरे-धीरे उसे समझ आया कि वह कुछ खास लेकर पैदा हुई है। प्रॉम की रात उसने हॉल की हर बत्ती तोड़ दी और कांच के टुकड़े हवा में उड़ा दिए। छात्रों के फोन फट गए और कई गंभीर रूप से घायल हुए।

नया किरदार एमलाइन: बदले की फुसफुसाहट

सीरीज का सबसे बड़ा जोड़ एमलाइन है, जो न उपन्यास में है और न 1976 की फिल्म में। फ्लैनगन ने उसे एस्ट्रल प्रोजेक्टर के रूप में गढ़ा है, यानी ऐसी लड़की जिसकी आत्मा शरीर से अलग होकर यात्रा कर सकती है। वह आखिर तक कैरी से शारीरिक रूप से दूर रहती है, पर उसे लगातार अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर बदला लेने के लिए उकसाती है। यहीं सीरीज और फिल्म के रास्ते अलग होते हैं। 1976 की फिल्म में कैरी ने स्कूल को जला दिया, जिसमें उसकी जिम टीचर भी मारी गई, जो उसका ख्याल रखने वाली एकमात्र वयस्क थीं। हारजेंसन और नोलन कार से भागे तो कैरी ने पीछा कर कार पलट दी और उसमें आग लग गई। फ्लैनगन ने यह दृश्य रखा है, लेकिन फर्क यह है कि स्टीयरिंग किसके हाथ में है। सीरीज में एमलाइन कैरी के गुस्से को हवा देती है, यहां तक कि कैरी के हाथों जिम टीचर की मौत हो जाती है। सिसी स्पेसेक की कैरी किसी के इशारे पर नहीं चलती थी। उसने खुद स्कूल जलाने का फैसला किया था। इसी वजह से 1976 की फिल्म ज्यादा विचलित करती है और स्पेसेक की कैरी ज्यादा त्रासद लगती है। सीरीज में दोष का एक हिस्सा किसी और पर चला जाता है।

मां का प्यार: सबसे बड़ा बदलाव

सबसे बड़ा बदलाव मार्गरेट के किरदार में है। 1976 की फिल्म में वह अपनी बेटी से नफरत करती थी और पहले पीरियड पर उसे ‘पाप की निशानी’ कहती थी। 2026 की सीरीज में वह कैरी से बेहद प्यार करती है, लेकिन इतनी कसकर पकड़ती है कि दम घुटने लगता है। सवाल उठता है कि प्यार कहां खत्म होना चाहिए, और क्या दम घोंटने वाला प्यार प्यार कहलाता है। समर होवेल की कैरी मां का दबदबा मानने से इनकार करती है और बात बिगड़ने पर मार्गरेट को कमरे के पार फेंक देती है। वह बदसलूकी बर्दाश्त नहीं करती, इसलिए हारजेंसन की नाक भी तोड़ देती है। फिर भी एमलाइन के कैरी के गुस्से को दिशा देने से कहानी का तनाव कुछ कम होता है। प्रॉम सीन में डी पाल्मा की फिल्म आज भी भारी है, जहां दर्शक बाल्टी गिरने के इंतजार में सांस रोके बैठा रहता है। सीरीज में यह हिस्सा जल्दबाजी में निपटा हुआ लगता है, और आठवां एपिसोड भी हड़बड़ी में खत्म होता है।

सोशल मीडिया: कभी न रुकने वाली बाल्टी

शायद सबसे समझदार बदलाव यह है कि 1976 में अपमान एक कमरे तक सीमित था। कैरी घर चली जाती थी और हंसी जिम में ही रह जाती थी। सीरीज में हंसी उसका पीछा करती है। ‘कैरी रेड’ अकाउंट एक अपमान को ऐसी चीज बना देता है जिसे शेयर किया जा सकता है, बार-बार देखा जा सकता है और बरसों बाद भी खोजा जा सकता है। खून की बाल्टी हमेशा इस कहानी की सबसे मशहूर छवि रही है, आज वह एक वीडियो भी होती, जो फोन से फोन तक घूमता। यानी आज बदमाशी स्कूल के गेट पर खत्म नहीं होती।

मार्गरेट का क्या हुआ

फिल्म की तरह यहां भी मार्गरेट बेटी को मारने की कोशिश करती है। डी पाल्मा की फिल्म में कैरी के आत्मरक्षा में घर गिराने पर मार्गरेट मर जाती है, लेकिन फ्लैनगन के संस्करण में वह जिंदा बच जाती है। वजह यह है कि मार्गरेट में भी थोड़ी टेलीकाइनेटिक शक्ति है, जिसे ‘द शाइन’ कहा जाता है। यह शब्द स्टेनली कुब्रिक की ‘द शाइनिंग’ (1980) और फ्लैनगन की अपनी ‘डॉक्टर स्लीप’ (2020) से आता है। अंत में एक पंथ (कल्ट) सू और मार्गरेट से कैरी की शक्तियों के बारे में पूछताछ करता है। सू कहती है कि उस रात की आग ‘सिर्फ कैरी’ ने नहीं लगाई थी। मार्गरेट ऐसी शक्तियों को बुरा मानती है। केट सीगल के निभाए किरदार एडिलेड का समूह अलौकिक शक्ति वाले लोगों को जमा करता है। वह तय करती है कि मार्गरेट अब किसी काम की नहीं और उसका दिल रोककर मौत को स्वाभाविक दिखा देती है।

सबसे बड़ा ट्विस्ट: कैरी जिंदा है

उपन्यास और 1976 व 2013 की फिल्मों में कैरी की मौत हो जाती है। 2026 की सीरीज में वह मलबे से एमलाइन के साथ बाहर निकलती है और कल्ट से भागती है। पूरी दुनिया उनके सामने खुली है, जहां वे अपनी शर्तों पर जी सकती हैं। फ्लैनगन ने कैरी को क्यों बचाया? समीक्षक का अनुमान है कि वे आगे की कहानियों के बीज बो रहे हैं। ‘द शाइन’, कल्ट और आग से निकलती नायिका स्टीफन किंग के बड़े ब्रह्मांड की ओर इशारा करते हैं, जिसमें ‘द शाइनिंग’, ‘डॉक्टर स्लीप’, ‘फायरस्टार्टर’ और ‘कैरी’ जुड़ सकती हैं। यह समीक्षक की अपनी व्याख्या है, फ्लैनगन ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

कहानी आज भी क्या कहती है

1976 की फिल्म और नई सीरीज कई मुद्दों पर अलग हैं: दोष किसका है, क्या मां एक साथ प्यार और चोट कर सकती है, और क्या कैरी जैसी लड़की को जीने का हक है। पर एक बात पर दोनों एक हैं कि असली डर बदमाशी है, और क्रूरता का बिल एक दिन जरूर आता है। ‘कैरी’ में वह एक रात में आता है। हमारी दुनिया में वह एक नोटिफिकेशन के साथ आता है।

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