कॉकरोच पार्टी-AISA प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा, प्रदर्शनकारियों ने की नारेबाजी

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुरुवार को हंगामा हो गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदर्शनकारी पहुंचे और जोरदार नारेबाजी की। इस मौके पर AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने साफ कहा कि हिरासत और मारपीट से आंदोलन को रोका नहीं जा सकता।

नेहा बोरा ने कहा कि SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन किसी एक झंडे, पार्टी या व्यक्ति तक सीमित नहीं है। यह दिल्ली से मुंबई तक पूरे देश में जारी है। उन्होंने जोर दिया कि यह लड़ाई भारत के आम और गरीब परिवारों में जिंदा है और देश के कोने-कोने में फ्रीडम पार्क, जंतर-मंतर और शिवाजी पार्क जैसे स्थानों पर जारी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, नेहा बोरा, अभिनेता प्रकाश राज, अधिवक्ता कपिल सिब्बल और प्रशांत भूषण शामिल हुए।

दीपके का तीखा हमला
अभिजीत दीपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए अपने ही देशवासियों के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया है। उन्होंने सवाल किया कि ज्ञानेश कुमार मोदी सरकार के लिए इतने जरूरी क्यों हैं कि युवाओं, पत्रकारों और सांसदों तक को हिरासत में लिया जा रहा है और दिल्ली को बंद कर दिया गया।दीपके ने कहा, “ये संगठन, दिल्ली के युवा सड़कों पर लड़ रहे हैं। उन्हें सड़कों पर घसीटा जा रहा है। नेहा को घसीटा गया, आयशा को घसीटा गया… किसके लिए? एक ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के चुनाव में INDIA गठबंधन और भाजपा के बीच वोटों का अंतर करीब 2 प्रतिशत था, जबकि 14 प्रतिशत वोट डिलीट कर दिए गए।

16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस प्रदर्शन
दीपके ने पहले ही ऐलान किया था कि CJP 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में फिर से प्रदर्शन करेगी। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के विरोध में आंदोलन जारी रखे हुए है। हाल ही में CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया और तिहाड़ जेल भेज दिया गया।

पृष्ठभूमि
CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन का आह्वान किया था, जिसमें हजारों लोग हिरासत में लिए गए थे। पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। विपक्षी नेताओं समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी अवैध हिरासतों पर चेतावनी दी थी।नेहा बोरा और दीपके दोनों ने दोहराया कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का समाधान नहीं होता। यह खबर ताजा घटनाक्रम पर आधारित है। आंदोलन देशभर में फैल रहा है और विपक्षी दल भी इसमें शामिल हो रहे हैं।

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