INDIA ब्लॉक के नेता राष्ट्रपति भवन पहुंचे, विजय चौक पर धरना जारी; CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ INDIA गठबंधन का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को नए मुकाम पर पहुंच गया। संसद भवन से शुरू हुए मार्च के दौरान पुलिस ने विजय चौक पर बैरिकेडिंग लगा दी, जिसके बाद कई विपक्षी नेता वहीं धरने पर बैठ गए। इसी बीच 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने राष्ट्रपति भवन पहुंच गया।

शाम करीब 8 बजे “सेव डेमोक्रेसी” के बड़े बैनर लेकर INDIA ब्लॉक के सांसद संसद भवन से राष्ट्रपति भवन की ओर पैदल मार्च पर निकले। पुलिस ने विजय चौक पर उन्हें रोक लिया। इसके बाद प्रियंका गांधी वाड्रा, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा, गौरव गोगोई समेत कई नेता वहीं सड़क पर बैठकर धरना देने लगे। वे ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।

राष्ट्रपति भवन पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, माकपा महासचिव एमए बेबी, भाकपा के डी राजा, समाजवादी पार्टी के राजीव राय, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की सुप्रिया सुले, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, राजद सांसद मनोज झा और विदुतलाई चिरुथैगल कच्ची (VCK) के थोल तिरुमावलवन शामिल थे। ये नेता राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे। ज्ञापन में तीन मुख्य मांगें रखी गई हैं—

  1. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा।
  2. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को तत्काल रोकना।
  3. SIR प्रक्रिया में कथित रूप से हटाए गए करीब 13.8 करोड़ मतदाताओं के नाम वापस मतदाता सूची में जोड़ना।

इससे पहले सांसदों ने संविधान सदन (पुराना संसद भवन) के सेंट्रल हॉल में बैठक की। बैठक में करीब 150 सांसद मौजूद थे। 16 दलों के नेताओं ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। राहुल गांधी ने सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों के प्रदर्शनों ने सरकार की नींव हिला दी है। उन्होंने कहा, “ज्ञानेश कुमार से भी बड़ा मुद्दा है। इस सरकार को बर्खास्त करना होगा।”

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने विजय चौक पर कहा कि 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल अंदर ज्ञापन सौंपने गया है, जबकि बाहर शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा, “हमारा आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा जब तक हमारा लक्ष्य हासिल नहीं हो जाता।” तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि सिर्फ ज्ञानेश कुमार को हटाने से समस्या हल नहीं होगी। उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए।

यह प्रदर्शन “वोट चोरी” के आरोपों के खिलाफ लगातार चौथे दिन का है। गठबंधन का आरोप है कि SIR प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और चुनाव आयोग संस्थागत पूर्वाग्रह का शिकार हो गया है। चुनाव आयोग का कहना है कि उसके फैसले वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार लिए गए हैं और आंतरिक मतभेद सामान्य हैं।

शिवसेना (यूबीटी) के नेता महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनाव की व्यस्तता के कारण मुलाकात में शामिल नहीं हो सके। अखिलेश यादव भी दिल्ली में नहीं थे। विपक्ष का यह आंदोलन अब संवैधानिक मार्ग से राष्ट्रपति तक पहुंच गया है। ज्ञापन सौंपने के बाद आगे की रणनीति पर चर्चा होने वाली है। विजय चौक पर धरना जारी है।

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